राज्यसभा 22 जुलाई तक स्थगित, आज हंगामे के बीच कोरोना पर हुई चर्चा

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संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। पेगागस जासूसी विवाद को लेकर हंगामा मचा हुआ है। लोकसभा की कार्यवाही अब तक ढंग से नहीं चल पाई। महज चार मिनट के बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही फिर से हंगामे के चलते करीब 10 मिनट बाद फिर दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।वहीं राज्यसभा में दोपहर 1 बजे दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, तो विपक्ष ने फिर हंगामा किया और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस ने पेगासस मामले की जांच कराने की मांग की है। मंगलवार यानी आज केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कोरोना पर सदन में राजनीतिक दलों के नेताओं को संबोधित करेंगे और सरकार की ओर से किए गए कोरोना प्रबंधन पर प्रजेंटेशन भी देंगे। राज्यसभा के चेयरमैन एम वेंकैया नायडू ने कहा कि 21 राजनीतिक दलों के 26 सांसदों ने इस बहस में (कोविड-19 से संबंधित मुद्दों पर) हिस्सा लिया। मेरी सलाह है कि हमें देश में विश्वास की भावना संचारित करनी चाहिए। तीसरी लहर की बातें पहले से ही हो रही हैं और हमें लोगों को आश्वस्त करना चाहिए कि इससे निपटने की तैयारियां चल रही हैं। 
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने राज्यसभा में कहा, ‘हमारी सरकार ने हमेशा कहा है कि इस संकट को राजनीति का कारण नहीं बनने देना चाहिए। ऐसे संकट के समय में राजनीति नहीं होनी चाहिए। पीएम मोदी कह चुके हैं कि जब 130 करोड़ भारतीय एक कदम आगे बढ़ाएंगे, देश 130 करोड़ कदम आगे बढ़ सकता है।’ मांडविया ने कहा कि जब हम कोरोना की तीसरी लहर की बात करते हैं, 130 करोड़ आम लोगों को, सभी राज्य सरकारों को सर्वसम्मति से एक फैसला लेना होगा कि हम अपने देश में तीसरी लहर नहीं आने देंगे। हमारा संकल्प और प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व हमें कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर से बचा सकता है। उन्होंने कहा जब साथ काम करने की जरूरत है और राज्यों द्वारा काम किया जाना है, तब हमने कभी नहीं कहा कि यह राज्य असफल रहा या उस राज्य ने ऐसा नहीं किया। मैं राजनीति नहीं करना चाहता हूं लेकिन कई राज्यों के पास टीकों की 10 से 15 लाख खुराकें हैं। मेरे पास इसका डाटा है। 
 कांग्रेस सासंद आनंद शर्मा ने राज्यसभा में कहा कि हमें अपने वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, पैरामेडिक्स और वैक्सीन उत्पादकों पर गर्व है। सभी भारतीयों को है। लेकिन में आंकड़े बता देता हूं। भारत को इसकी टीका उत्पादन क्षमताओं के लिए आज नहीं पहचाना गया है। 1990 के दशक में भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीका उत्पादक बन गया था। शर्मा ने कहा, ‘आजादी के बाद इसमें कई दशक का समय लगा। किस साल में सीरम संस्थान की स्थापना हुई थी? इसकी स्थापना 1960 के दशक में हुई थी। पहला टीका संस्थान कब बनाया गया था? सरकारों का एक कर्तव्य होता है। चाहे तब के समय में वह जवाहरलाल नेहरू हों या आज के समय में नरेंद्र मोदी, सभी सरकारों का एक काम होता है।’
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा में कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश विस्तृत दिशानिर्देशों के आधार पर लगातार मामले और मृत्युदर स्वास्थ्य मंत्रालय के पास दर्ज कराते हैं। किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की ओर से ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत की जानकारी नहीं दी गई है।
राज्य मंत्री स्वास्थ्य भारती प्रवीण पवार ने राज्यसभा को बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से कोरोना से होने वाली मौतों के आंकड़े को छिपाने की कोई रिपोर्ट नहीं है। हालांकि, कुछ राज्यों ने मृत्यु दर के आंकड़ों के मिलान के आधार पर अपने आंकड़ों को संशोधित किया है।