राज्‍यपाल ने कैप्‍टन अमरिंदर का इस्‍तीफा मंजूर किया, सीएलपी ने नया सीएम चुनने का सोनिया को अधिकार दिया

0
22

चंडीगढ़, कैप्‍टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले सीएम पद से इस्‍तीफा दे दिया है। कैप्‍टन ने राजभवन पहुंच कर राज्‍यपाल को इस्‍तीफा दे दिया। राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अगला मुख्यमंत्री बनने तक कैप्टन अमरिंदर सिंह कार्यकारी मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उधर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रस्‍ताव पारित कर पार्टी विधायक दल का नया नेता व अगला मुख्‍यमंत्री चुनने का अधिकार पार्टी की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दिया। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन और हरीश राय चौधरी के साथ पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत भी मौजूद थे। बैठक में दो प्रस्‍ताव पारित किए गए।कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के इ्रस्‍तीफा देने के बाद पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक अजय माकन ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कांग्रेस के 80 में 78 विधायक मौजूद थे। बैठक में दो प्रस्‍ताव पारित किए गए। एक प्रस्‍ताव में मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता के तौर पर पंजाब व पार्टी की सेवा के लिए कैप्‍टन अमरिंदर सिंह का धन्‍यवाद किया गया। उम्‍मीद जताई गई कि भविष्‍य में भी पार्टी को उनका मार्गदर्शन मिलता रहेगा। दूसरे प्रस्‍ताव में कांग्रेस विधायक दल के नए नेता व नए मुख्‍यमंत्री के चुनाव करने का अधिकार कांग्रेस की राष्‍ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दिया गया। इस बारे में प्रस्‍ताव कैप्‍टन कैबिनेट के वरिष्‍ठ मंत्री ब्रह्म मोेहिंदरा ने रखा। अब माना जा रहा है कि सोनिया गांधी जल्‍द ही कांग्रेस विधायक दल के नए नेता व पंजाब के अगले मुख्‍यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगी। इस्‍तीफा देेने के बाद राजभवन के बाहर कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्‍होंने सुबह ही कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी काे अपने इस्‍तीफे की जानकारी दे दी थी। मेरा अपमान किया गया। सरकार चलाने को लेेकर लेकर संदेह किया गया। मैंं अपने समर्थकों के साथ बैठक कर भविष्‍य की रणनीति तय करुंगा। दूसरी ओर, कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के राजनीतिक सलाहकार कैप्‍टन संदीप संधू और मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को अपना इस्तीफा सौंपा। उनके साथ उनके चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार, सांसद पत्नी परनीत कौर व अन्य वरिष्ठ सहयोगी भी थे। कैप्‍टन ने अपने सरकारी आवास पर अपने समर्थक मंत्रियों व विधायकों के साथ बैठक की। बाद में राजभवन के बाहर मीडिया से बातचीत में कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पिछले दो महीने में यह तीसरी बार हाेगा कि विधायकों बैठक होगी। मेरे सरकार चलाने पर संशय पैदा किया गया। मैं अपमानित महसूस कर रहा था और इसी कारण इ्रस्‍तीफा देने का फैसला किया। उन्‍होंने कहा, कहना चाहता हूं कि मैंने इस्तीफा दे दिया है। मेरी भविष्‍य की राजनीति के सभी विकल्प खुले हैं। मैं उसको यूस कर सकता हूं। मैं अपने साथियों के साथ बैठक कर भविष्‍य की रणनीति तय करुंगा। कैप्‍टन अमरिंदर ने कहा, मैं कांग्रेस में ही हूं। अपने साथियों से बात करूंगा फिर अपना भविष्य की रणनीति तय करूंगा। कैप्टन ने स्पष्ट किया कि मैंने केवल मुख्‍यमंत्री पद इस्तीफा दिया है। कैप्टन ने कहा कि जिस तरह की बातें हो रही थीं उससे मैं पिछले काफी समय से अपमानित महसूस कर रहा था। इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सिसवां फार्म हाउस से निकलकर अपनी सेक्टर दो स्थित अपनी सरकारी रिहायश पर पहुंचे थे। वहां उन्‍होेंने अपने समर्थक मंत्रियों ,विधायकों व सांसदों से मीटिंग की। इस मीटिंग में सांसद मोहम्मद सद्दीक, जसबीर सिंह डिंपा, मनीष तिवारी, रवनीत बिट्टू, गुरजीत औजला भी माैजूद थे। इसके अलावा मंत्री विजय इंद्र सिंगला ,साधू सिंह धर्मसोत, डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भट्टी, राकेश पांडे, रमनजीत सिंह सिक्की, राजकुमार चब्बेवाल, राणा गुरमीत सिंह सोढी, ब्रह्म मोहिंदरा, नवतेज सिंह चीमा, तरसेम सिंह डीसी, रजिंदर सिंह, हरप्रताप सिंह अजनाला और केवल ढिल्लों भी बैठक में शामिल हुए। इससे पहले पंजाब कांग्रेस भवन में राज्‍य मंत्रियों और विधायकों का पहुंचना शुरू हो गया है। कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत, ब्रह्म मोहिंद्रा, रजिया सुल्‍तान और साधू सिंह धर्मसोत पंजाब भवन पहुंचे। धर्मसाेत और ब्रह्म मोहिंद्रा ने इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह से कांग्रेस भवन पहुंचे।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पार्टी से मुलाकात करने सीनियर नेता और कैबिनेट में नंबर दो मंत्री स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा और स्पीकर राणा केपी सिंह उनके सरकारी आवास पहुंचे। कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत पर्यवेक्षक हरीश चौधरी अजय माकन नवजोत सिंह सिद्धू के साथ कांग्रेस भवन पहुंचे। दूसरी ओर चंडीगढ़ के पंजाब कांग्रेस भवन व उसके आसपास कड़ी सुरक्षा कर दी गई है। कांग्रेस भवन के सामने बम स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की टीम ने भी पूरे इलाके में जांच की। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस भवन आ सकते हैं, लेकिन कांग्रेस भवन नहीं आए। अब पंजाब में विधानसभा चुनाव को मात्र छह महीने का ही समय बचा है, ऐसे में कांग्रेस ने अपने सबसे मजबूत मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का इस्तीफा मांग लिया। नए मुख्‍यमंत्री के लिए सुनील जाखड़ व पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू सहित कुछ अन्‍य नामाें की चर्चा है। काबिले गौर है कि तीन दिन पहले करीब 40 विधायकों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अविश्वास जता दिया था। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा था कि और भी कई विधायक उनके खिलाफ हैं लेकिन जब तक वह सीएम रहेंगे,कोई भी खुलकर उनके खिलाफ नहीं बोलेगा। ऐसे में विधायक दल की मीटिंग बुलानी जरूरी है जिसमें दो केंद्रीय पर्यवेक्षक भी हों। इस चिट्ठी के आधार पर हरीश रावत ने कांग्रेस की प्रधान सोनिया गांधी से मुलाकात की।
इससे पहले बागी कांग्रेस मंत्रियों व विधायकों ने 25 अगस्त को भी आलाकमान को चिट्ठी लिखी थी और मीटिंग भी की। इसमें दो दर्जन के लगभग विधायक मौजूद थे लेकिन उस बगावत को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शांत कर लिया । कैप्टन ने हाई कमान के कहने पर दस सदस्यी तालमेल कमेटी बना दी जिसमें पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू के अलावा चार कार्यकारी प्रधान और मंत्रियों को लिया गया। लेकिन, 25 दिन बीतने के बावजूद इसकी एक भी मीटिंग नहीं हुई। बाद में कांग्रेस आलाकमान ने 40 विधायकाें की पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग को स्‍वीकार कर लिया।
बता दें कि पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष नवजोत सिंह काबिले गौर है कि तीन दिन पहले करीब 40 विधायकों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अविश्वास जता दिया था। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा था कि और भी कई विधायक उनके खिलाफ हैं लेकिन जब तक वह सीएम रहेंगे,कोई भी खुलकर उनके खिलाफ नहीं बोलेगा। ऐसे में विधायक दल की मीटिंग बुलानी जरूरी है जिसमें दो केंद्रीय पर्यवेक्षक भी हों। इस चिट्ठी के आधार पर हरीश रावत ने कांग्रेस की प्रधान सोनिया गांधी से मुलाकात की।
इससे पहले बागी कांग्रेस मंत्रियों व विधायकों ने 25 अगस्त को भी आलाकमान को चिट्ठी लिखी थी और मीटिंग भी की। इसमें दो दर्जन के लगभग विधायक मौजूद थे लेकिन उस बगावत को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शांत कर लिया । कैप्टन ने हाई कमान के कहने पर दस सदस्यी तालमेल कमेटी बना दी जिसमें पार्टी प्रधान नवजोत सिद्धू के अलावा चार कार्यकारी प्रधान और मंत्रियों को लिया गया। लेकिन, 25 दिन बीतने के बावजूद इसकी एक भी मीटिंग नहीं हुई। बाद में कांग्रेस आलाकमान ने 40 विधायकाें की पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग को स्‍वीकार कर लिया।
बता दें कि पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट कर जानकारी दी कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर आज शाम पांच बजे पंजाब के कांग्रेस विधायक दल की चंडीगढ में बैठक होगी। सिद्धू ने इस संबंध में पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष हरीश रावत के ट्वीट को भी रिट्वीट किया।