राम मंदिर ट्रस्‍ट के दो और सौदे विवादों में, AAP सांसद बोले- ढाई करोड़ में खरीदी 20 लाख की जमीन

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अयोध्या. यूपी के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) द्वारा राम मंदिर के लिए खरीदी गई जमीन में घोटाले से जुड़े एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं. इसको लेकर सपा और कांग्रेस के साथ आम आदमी पार्टी इन दिनों राम मंदिर ट्रस्ट के आरोपी ट्रस्टियों के साथ बीजेपी नेताओं पर जमकर निशाना साधती नजर आ रही है. इसके बीच आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह (AAP MP Sanjay Singh) ने एक बार फिर जहां राम मंदिर के लिए खरीदी जा रही जमीन में धांधली से जुड़े कई अन्य साक्ष्य पेश किए हैं, तो वहीं अयोध्या से भाजपा के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय (BJP Mayor Rishikesh Upadhyay) और उनके परिवार से जुड़े लोगों पर सस्ती दर में जमीन खरीद कर कई गुना महंगी दर पर राम मंदिर ट्रस्ट को बेचे जाने का भी आरोप लगाया है.
राजधानी लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए आप नेता संजय सिंह ने बताया कि अयोध्या में भाजपा के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे दीप नारायण द्वारा बीते 20 फरवरी 2021 को पहले 35.6 लाख की मालियत वाली जमीन को महज 20 लाख रुपये में खरीदा गया. फिर उसे 11 मई 2021 को ढाई करोड़ में राम मंदिर ट्रस्ट को बेचा गया है. इसी तरह अयोध्या के कोट रामचंदर में जगदीश प्रसाद को 14.80 लाख की मालियत वाली जमीन महंत देवेंद्र प्रसाद से महज 10 लाख रुपये में मिल जाती है, लेकिन राम जन्मभूमि ट्रस्ट को 1 करोड़ 60 लाख की जमीन 4 करोड़ में मिलती है. आप सांसद के मुताबिक, इस पूरे खेल में भाजपा के मेयर और उनके भतीजा शामिल है.
आप सांसद ने की ये मांग
आप के राज्यसभा सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने कहा,’आम आदमी पार्टी की योगी सरकार से मांग है कि भाजपा के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और राम मंदिर की जमीन में घोटाले के आरोपी ट्रस्टियों के साथ उनके परिवार से जुड़े लोगों के खातों की जांच कराई जाए. जिससे चंदा चोरी का पूरा खेल उजागर हो जाएगा.’ इसके साथ संजय सिंह ने कहा कि इसके बाद फास्‍ट ट्रैक कोर्ट के जरिये राम मंदिर के नाम पर जमीन खरीद में हुई धांधली की सुनवाई कर चंदा चोरों को तत्काल जेल भेजा जाए.
सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए पूरे देश के करोड़ों गरीब, आम आदमी, कर्मचारी, व्यापारी, किसान और मजदूर राम भक्त अपना पेट काटकर चंदा दे रहे हैं, लेकिन भाजपा नेता चंदा चोरी और भ्रष्टाचार कर रहे हैं. इस वजह से ही अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में देरी हो रही है. राम मंदिर के नाम पर 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ में बेचे जाने के हुए खुलासे के 6 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है. जिससे साबित होता है कि सरकार इन चंदा चोरों को बचाना चाहती है. जब बीजेपी नेता ही चंदा चोरी में शामिल हैं, तो सरकार उन पर कार्रवाई करे भी तो कैसे करे?