लखनऊ पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख और हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह हत्याकांड में तीन दिन की रिमांड पर चल रहे आरोपी गिरधारी को सोमवार तड़के एनकाउंटर में मार गिराया।

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लखनऊ पुलिस ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख और हिस्ट्रीशीटर अजीत सिंह हत्याकांड में तीन दिन की रिमांड पर चल रहे आरोपी गिरधारी को सोमवार तड़के एनकाउंटर में मार गिराया। वह असलहा छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था जिसके चलते पुलिस को उस पर गोली चलानी पड़ी।
गौरतलब है कि सोमवार तड़के गिरधारी उर्फ डॉक्टर को लेकर अजीत सिंह हत्या में प्रयुक्त असलहा बरामदगी के लिए सहारा हॉस्पिटल के पीछे खरगापुर क्रॉसिंग के पास लेकर पहुंची। जैसे ही गाड़ी रुकी और लोग सीट से उतरे कि उप निरीक्षक अख्तर उस्मानी अपने साइड से अभियुक्त को उतार रहे थे, तभी आरोपी गिरधारी ने इंस्पेक्टर उस्मानी की नाक पर अपने सिर से हमला कर दिया।
इससे अख्तर उस्मानी गिर गए और गिरधारी उनकी पिस्टल लेकर भागने लगा जिसका पीछा वरिष्ठ उप निरीक्षक अनिल सिंह द्वारा किया गया। इस पर गिरधारी उनके ऊपर फायर करता हुआ झाड़ियों में भाग गया। इसकी सूचना ब्रैवो कंट्रोल रूम व 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस उपायुक्त पूर्वी वहां आ पहुंचे।
इसके बाद पुलिस वालों ने झाड़ियों को चारों तरफ से घेर लिया और गिरधारी को आत्मसमर्पण की चेतावनी देने लगे। हालांकि उसने एक बात न सुनी और छीनी हुई पिस्टल से बार-बार फायर करता रहा। जवाबी कार्रवाई में उसे पुलिस की एक गोली लग गई और वह चिल्लाता हुआ गिर गया। पास जाकर देखा गया तो उसकी सांसे चल रही थीं, तत्काल सरकारी गाड़ी द्वारा राम मनोहर लोहिया इमरजेंसी में भेजा गया लेकिन वहां इलाज के दौरान गिरधारी की मृत्यु हो गई।
जानकारी के अनुसार गिरधारी पुलिस रिमांड में था और पुलिस उससे पूछताछ कर रही थी और आज उसकी रिमांड खत्म होने वाली थी। 6 जनवरी को विभूतिखंड में ही अजीत सिंह की हत्या हुई थी। 11 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने गिरधारी को गिरफ्तार किया था। उस वक्त उसके पास से अवैध असलहा बरामद हुआ था।

गिरधारी ने पुलिस को बरामद करवाया था गैंगवार में प्रयुक्त मोबाइल
अजीत सिंह हत्याकांड के मुख्य शूटर गिरधारी उर्फ डॉक्टर से रिमांड के दूसरे दिन यानी 14 फरवरी को भी पूछताछ की गई थी। इस दौरान उसने वारदात में प्रयुक्त मोबाइल अलकनंदा अपार्टमेंट से अंकुर के किराए के फ्लैट से पुलिस को बरामद कराए। गिरधारी के मोबाइल में फरार शूटरों के मोबाइल नंबर भी मिले हैं। इसके आधार पर पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।

कठौता चौराहे पर 6 जनवरी की रात को छह शूटरों ने मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। इस मामले में आजमगढ़ के कुंटू सिंह व अखंड सिंह के अलावा गिरधारी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने सबसे पहले तीन मददगारों को दबोचा। इसके बाद शूटर संदीप सिंह बाबा को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया। वहीं कुंटू सिंह व अखंड सिंह की भी पुलिस ने रिमांड ली जिसमें कई राज सामने आए। पुलिस ने 16 फरवरी तक की रिमांड सीजेएम कोर्ट से ली है। रिमांड के दूसरे दिन रविवार को उससे पूछताछ की गई। इस दौरान शूटरों के संबंध में कई सवाल किए गए।