लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में केजीएमयू के डॉक्टरों ने आठ साल के एक बच्चे की आंख और नाक से होते हुए सिर में घुसी खपरैल निकालने में कामयाबी हासिल की

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लखनऊ
यूपी की राजधानी लखनऊ में केजीएमयू के डॉक्टरों ने आठ साल के एक बच्चे की आंख और नाक से होते हुए सिर में घुसी खपरैल निकालने में कामयाबी हासिल की है। सर्जरी इतनी दुर्लभ थी कि ट्रॉमा सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, ऑप्थमॉलजी और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों को इसकी प्लानिंग करने में तीन दिन लग गए। आखिर में 11 अगस्त को पांच घंटे चली सर्जरी के बाद खपरैल निकाल दी गई। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चा भी अब स्वस्थ है।

प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. डीएन उपाध्याय ने बताया कि जौनपुर निवासी अभिषेक (8) छह अगस्त को गिर गया था। इस दौरान नुकीली खपरैल उसकी आंख में घुस गई थी। घरवालों ने पहले दो दिन उसे जौनपुर के अस्पतालों में दिखाया, फिर 8 अगस्त को केजीएमयू लाए। यहां पहले ट्रॉमा सर्जरी के डॉक्टरों ने देखा। फिर न्यूरो सर्जरी, ऑप्थमॉलजी और आखिर में प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने।

डॉक्टर ने पहली बार करियर में की ऐसी सर्जरी
खपरैल, बच्चे की आंख और नाक में घुसी थी। आंख का सॉकेट दिमाग से कनेक्ट होता है। ऐसे में सर्जरी के दौरान ब्रेन इंजरी की आशंका थी। ऐसे में चारों विभागों के डॉक्टरों ने रणीनीति बनाई। इसके बाद 11 अगस्त को सर्जरी की गई। इस दौरान चारों विभागों के डॉक्टर मौजूद रहे। डॉक्टर डीएन उपाध्याय ने बताया कि ऐसी दुर्लभ सर्जरी उन्होंने अपने करियर में पहली बार की है।

इस टीम ने की सर्जरी
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर डीएन उपाध्याय, डॉक्टर अभिजात, डॉक्टर संदेश, डॉक्टर आकांश, न्यूरो सर्जरी से डॉक्टर क्षितिज श्रीवास्तव, डॉक्टर नवनीत, ऑप्थमॉलजी से डॉक्टर अपजित कौर, डॉक्टर शैलजा, एनेस्थीसिया से डॉक्टर सतीश वर्मा ने इस सर्जरी को अंजाम दिया।