लेबनान के बेरूत में हुए धमाके ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. अमोनियम नाइट्रेट की खेप में हुए धमाके से अब तक 158 लोगों की मौत हो गई है और 5 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हैं

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लेबनान के बेरूत में हुए धमाके ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. अमोनियम नाइट्रेट की खेप में हुए धमाके से अब तक 158 लोगों की मौत हो गई है और 5 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हैं. इस धमाके बाद उन देशों के कान खड़े हो गए हैं जहां अमोनियम नाइट्रेट का स्टॉक जमा है. इन देशों में भारत भी एक है. इसी के तहत अमोनियम नाइट्रेट की खेप चेन्नई से हैदराबाद की एक सुरक्षित जगह पर पहुंचाई गई है.

चेन्नई के सत्व कंटेनर फ्रेट स्टेशन में 740 टन अमोनियम नाइट्रेट का स्टॉक जमा है, जहां से रविवार को 200 टन अमोनियम नाइट्रेट हैदराबाद के सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया. हैदराबाद की एक कंपनी ने ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट के जरिये 200 टन अमोनियम नाइट्रेट की खेप खरीदी है. अब उस खेप को वहां से हटा लिया गया है. पीईएसओ कंपनी के अधिकारी और कई पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सीएफएस चेन्नई से अमोनियम नाइट्रेट हटाया गया. इसे सड़क के रास्ते चेन्नई से हैदराबाद भेजा गया.

बेरूत धमाके के बाद देश में कई जगह अमोनियम नाइट्रेट के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. पिछले पांच साल में जमा किए गए नाइट्रेट को कस्टम के अधिकारियों ने सीज किया है. इसी क्रम में कस्टम को चेन्नई में 750 टन के स्टॉक का पता चला. इसकी जानकारी मिलते ही फायर सेफ्टी, चेन्नई पुलिस, एक्सप्लोसिव विंग और तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी स्टॉक की गई जगह पर पहुंचे और सुरक्षा का जायजा लिया.

चेन्नई में 37 अलग-अलग कंटेनर में 20 टन अमोनियम नाइट्रेट के स्टॉक का पता चला. तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अमोनियम नाइट्रेट जहां रखा गया है, वहां कस्टम अधिकारियों ने दौरा किया और बताया कि अगले तीन दिन में स्टॉक को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया जाएगा. ऑनलाइन ऑक्शन के तहत अमोनियम नाइट्रेट की नीलामी की जाएगी और इसका काम अंतिम चरण में है. फिलहाल जहां स्टॉक जमा है वहां से 700 मीटर की दूरी पर रिहायशी इलाके हैं जहां तकरीबन 7 हजार लोग रहते हैं.