वाराणसी में आयोजित हुआ बसपा से जुड़ी महिलाओं का सम्मेलन

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आज दिनांक 26/11/2021 को
वाराणसी,

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र की धर्मपत्नी कल्पना मिश्रा के नेतृत्व में महिला सम्मेलन का कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में अर्चना सिंह पटेल जिला पंचायत सदस्य, मनोरमा पांडेय अधिवक्ता एवं ब्राह्मण महिला वाराणसी मंडल संयोजक बसपा, कौशिक कुमार पांडेय अधिवक्ता संयोजक प्रबुद्ध वर्ग, यश पांडेय युवा बहुजन समाज पार्टी संयोजक, पूर्व मंत्री नकुल दुबे, कल्पना मिश्र के साथ मंच पर मौजद रहे ।
कल्पना मिश्रा ने सरकार पर किया हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में महिला कहां सुरक्षित है? भाजपा वाले सिर्फ मंच से भाषण देना जानते हैं। उनको क्या जमीनी हकीकत नहीं पता। यह हम नहीं यह एनसीआरबी (NC RB)की रिपोर्ट कहती है कि हर घंटे प्रदेश में रेप हो रहे है। उन्होने आरोप लगते हुए कहा कि कैसे गृह मंत्री सफ़ेद झूठ बोलते हैं कि महिलाएं सुरक्षित हैं तथा रात को 12:00 बजे भी गहने लादकर स्कूटी से घूमने निकल सकती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत तो यह है कि राजधानी के सचिवालय में भी महिला सुरक्षित नहीं है।
इस सरकार में महंगाई इतनी बढ़ गई है कि लोग कहते हैं कि हमारे घर एक समय खाना बन रहा है। भाजपा वाले कहते हैं कि 2022 मार्च तक राशन बटवाएंगे। क्या यह चुनावी स्टंट नहीं? आप राशन ना बटवाएं आप रोजगार दे राशन लोग खुद खरीद लेंगे।

आज वित्तविहीन शिक्षक एवं कर्मचारी परेशान घूम रहे हैं। किसी भी सरकार में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।चुनाव से पहले नियमावली और तरह-तरह के प्रलोभन देकर उनके वोटों को लेकर उनको किनारे कर देते हैं। जब कोरोना काल का भयंकर समय चल रहा था तब सरकार पंचायती राज चुनाव करा रही थी। इस चुनाव में शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर सरकार ने उन्हें मौत के मुंह में धकेलने का काम किया था। हजारों शिक्षक को कोरोना वायरस से ग्रसित हुए और ना जाने कितनों की मौत हो गई। आज तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला बस आश्वासन मिला है।

वाराणसी में दृष्टिबाधित बच्चों के विद्यालय को सरकार द्वारा बंद कर दिया गया। जब हम पिछली बार बनारस आए तो वह दृष्टिबाधित बच्चे हमसे मिलने आए क्योंकि उन्हें ज्ञात था कि मिश्रा जी दृष्टि बाधित बच्चों के लिए हमेशा से आवाज उठाते हैं और उनके लिए काम करते हैं। और इस सरकार की संवेदनहीनता देखिए कि उन्होंने दृष्टिबाधित बच्चों पर भी लाठियां चलवाई। पुलिस वालों को पता था कि वह भाग नहीं सकते हैं उसके बाद भी उनके ऊपर लाठियां चलाई गई।

किसानों को उचित मूल्य देने का काम सिर्फ और सिर्फ बहन मायावती ने किया था। आज संविधान दिवस है बाबा साहब अंबेडकर जी जो संविधान के रचयिता थे। बहन जी बाबा साहब अंबेडकर के संविधान का पूरी तरह पालन करती हैं। बहन जी ने साफ कह दिया है कि 2022 में जब उनकी सरकार बनेगी तो सिर्फ और सिर्फ प्रदेश में काम होगा। बसपा नेताओं ने वादा किया कि प्रदेश में जब हम सरकार बनाएँगे तो प्रदेश में स्वास्थ्य, रोजगार, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, महंगाई कम, आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम किया जाएगा। वित्तविहीन शिक्षक का एवं कर्मचारी तथा दृष्टिबाधित बच्चों एवं संस्कृत विद्यालय के लिए आयोग बनाकर उन पर काम किया जाएगा।

नेताओं ने कहा कि आपने सुना की अयोध्या में काम करने वाली हमारी लखनऊ की बेटी श्रद्धा गुप्ता के साथ क्या हुआ। उसको एक आईपीएस अधिकारी इतना प्रताड़ित करने लगा की उस बेटी के पास जान देने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहा। आप मत भूलिए उन्नाव का काण्ड जहाँ सरकार के विधायक ही लड़की के साथ दुष्कर्म करते हैं। इनको सत्ता मिल जाती है तो ये जनता को अपना गुलाम समझ लेते हैं।

हाथरस काण्ड ने तो पूरे प्रदेश का नाम शर्मसार कर दिया है। एक दलित बच्ची के साथ दुष्कर्म होता है तो उस मामले को दबाने की कोशिश की जाती है लेकिन जैसे ही घटना तूल पकड़ती है तो शासन-प्रशासन ने इतनी घिनौनी हरकत कर दी कि सबकी रूह काँप गई। उसी मृतक बच्ची के शव को रात 3 बजे पेट्रोल डालकर जला दिया गया। परिवार अपने बच्ची का अंतिम दर्शन तक नहीं कर सका।
सभी पार्टियां चुनाव के समय अपना मेनिफेस्टो छपवाती है और झूठे वादों से पन्ने भरने का काम करती है। जैसे ही भाजपा,सपा,कांग्रेस चुनाव जीत जाती है तो उन वादों और मेनिफेस्टो से ठंडक में हाथ सेकने का काम करती है। क्योंकि उन मेनिफेस्टो में लिखे एक भी वादे पूरे नहीं करते ये लोग। बहन जी की बात ही उनका मेनिफेस्टो है। वो काम करती हैं प्रचार नहीं।
कल्पना मिश्र ने कहा कि मैं आपको बस इसलिए ये सब याद दिला रही हूँ की इनके शोषण को आप भूलिए मत। ये सत्ता में आएंगे तो प्रदेश और देश को बड़े-बड़े पूंजीपतियों के हाथों में बेच देंगे और हम आप फिर गुलाम बन जायेंगे।