विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पांचवीं बार बैठक करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है

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विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ पांचवीं बार बैठक करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि देश को दो उद्देश्यों को हासिल करना है। एक तो कोरोना वायरस के संक्रमण की दर को कम करना है और दूसरे धीरे धीरे आम लोगों की गतिविधियों को बढ़ाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि इन दोनों उद्देश्यों को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिल कर काम करना होगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक अपने अपने राज्यों में लॉकडाउन की स्थिति को लेकर अपनी अपनी रणनीति देने को कहा है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा, “मैं आप लोगों से अनुरोध करता हूं कि आप लोग अपने अपने राज्य में लॉकडाउन को हटाने की स्थिति में क्या रणनीति अपनाएंगे, इसको लेकर विस्तृत रणनीति शेयर कीजिए। लॉकडाउन में ढील देने पर विभिन्न चुनौतियों को लेकर आप लोग अपना अपना ब्लू प्रिंट तैयार करें,”

उन्होंने ट्रेन सेवा शुरू करने के बारे में कहा कि आर्थिक गतिविधि शुरू करने के लिए यह ज़रूरी क़दम है लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मार्गों पर अभी रेल सेवा शुरू नहीं होगी और केवल सीमित ट्रेनें चलेंगी।

लॉकडाउन में ढील के बावजूद

राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में उन्होंने यह माना कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती कोरोना वायरस को गांवों में नहीं फैलने देना है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन में ढील के बावजूद कोविड-19 को गांवों में नहीं फैलने देना है।

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के कारण पैदा हुई चुनौती से निपटने के लिए संतुलित रणनीति लागू करनी होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि आपके सुझावों के आधार पर हम अपने देश की दिशा निर्धारित करने में सक्षम होंगे।

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया यह मानती है कि भारत कोविड-19 से ख़ुद को सुरक्षित रखने में सक्षम रहा और इसमें राज्यों ने बड़ी भूमिका निभाई है।