विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा आयोजित किए जा रहे कथित ‘समरसता अभियान’ के असली मंतव्य पर काँग्रेस ने उठाए सवाल

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नई दिल्ली,

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अनुसूचित जाति विभाग ने विश्व हिंदू परिषद और उसकी उग्रवादी युवा शाखा बजरंग दल द्वारा आयोजित किए जा रहे कथित ‘समरसता अभियान’ के असली मंतव्य पर सवाल उठाया है। ये दोनों संगठन आरएसएस और बीजेपी के संगठन है और भारत भर में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ जाति आधारित हिंसा को कायम रखने के लिए उनकी एजेंसियों के रूप में कार्य करते आये हैं। यह बेहद शर्मनाक है कि दलितों और आदिवासियों के खिलाफ किए गए गंभीर अपराधों के लिए कई सक्रिय सदस्यों के सलाखों के पीछे होने के बावजूद, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा इस तरह के राष्ट्रीय अभियान को आयोजित करने का हिम्मत दिखाई जा रही है। यह राष्ट्रीय ‘समृद्ध अभियान’ एक धोखे और जनता को गुमराह करने के अलावा और कुछ भी नहीं है।

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के असली स्वरूप को बेनकाब करने के लिए हमें अतीत में बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। अभी 4 जनवरी 2022 को एक प्रमुख मीडिया समूह की एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक दलित, अक्षयकुमार करगानवी, और उनके परिवार पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। कर्नाटक पुलिस ने जांच की और बजरंग दल के सात लोगों पर दंगा, अतिचार और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

7 जून 2021 को बजरंग दल ने बिहार के रोहतास जिले के करमा गांव में अंडे बेचने वाले दलित युवक संजीव कुमार के पूरे परिवार को जातिसूचक गाली दी, पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी। डेहरीओं-सोन के विशेष एससी-एसटी सेल में शिकायत दर्ज करने का प्रयास करते हुए, परिवार ने उसी समूह द्वारा पीटे जाने के पुराने वीडियो क्लिप प्रदान किए, जिसमें बजरंग दल के सदस्यों द्वारा लगातार पिटाई और उत्पीड़न की पुष्टि हुई।

31 दिसंबर 2020 को बजरंग दल के 25 लोगों ने मध्य प्रदेश में बड़वानी जिले के ठिकरी के देवड़ा गांव में आदिवासी घर में घुसकर धर्म परिवर्तन का झूठा आरोप लगाया। उन्होंने युवतियों, लड़कियों से छेड़छाड़ की और आठ महीने की गर्भवती महिला पर हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप उस आदिवासी महिला का बच्चा मृत पैदा हुआ।

22 सितंबर 2019 को खूंटी जिले के सुआरी गाँव में गोहत्या के संदेह में कलंतस बारला नाम के एक विकलांग आदिवासी व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। दो अन्य कच्छप और फिलिप होरो गंभीर रूप से घायल हो गए और ग्रामीणों के अनुसार हमले के पीछे यहाँ भी बजरंग दल के सदस्य थे।

विश्व हिंदू परिषद की उग्रवादी युवा शाखा बजरंग दल द्वारा कई ऐसे जाति-आधारित अत्याचार किए गए हैं, जबकि हाल के कुछ वर्षों में उनके द्वारा किए गए सांप्रदायिक अत्याचारों की कोई सीमा ही नहीं है। यह शर्मनाक है कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल दोनों ही विभिन्न राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले समाज में सभी जातियों के बीच एकता स्थापित करने का नाटक कर रहे हैं।

भारत के लोग, विशेष रूप से जो उत्पीड़ित जातियों से आते हैं, आरएसएस और भाजपा की उस भड़काऊ एवं भटकाऊ राजनीति को समझते हैं। वह विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनो के दिखावे वाले राष्ट्रीय अभियान का सच भी समझते है । कांग्रेस पार्टी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनो को उनके करतूतों को छिपाने नहीं देगी और हम उन्हें यही बेनकाब करते रहेंगे।