शानो शौकत से जुलूस ए मोहम्मदी निकालकर मनाया गया ईद मिलादुन्नबी का त्योहार

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रिपोर्ट – मो. ज़ाहिद खान
बरेली:- पूरे जिले में शानो शौकत के साथ मनाई गई ईद मिलादुन्नबी। दरगाह ए आला हजरत से नबी ए करीम की आमद की खुशी में आज मुख्य जुलूस अंजुमन खुद्दामें रसूल की जानिब से दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान ( सुब्हानी मियां) की कयादत व सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां) की निगरानी में कोहाड़ापीर से निकाला गया । जुलूस में सौ से अधिक शहर भर की अंजुमन ने हिस्सा लिया । अंजुमनें रंग-बिरंगी लिबास पहने बेहतरीन अंदाज़ में कोई हम्द कोई नात ए रसूल पड़ता चल रहा था तो कोई कलमा और दुरूद का नज़राना पेश कर रही थी। सबसे आगे सुभाष नगर की अंजुमन अनवारे मुस्तफा हदीस लिखी तख्तियां लेकर चल रही थी । जुलूस अपने कदीमी रास्तों कोहाड़ापीर से चलकर कुतुबखाना, कोतवाली, नोवेल्टी चौराहा, इस्लामिया स्कूल, बिहारीपुर ढाल के रास्ते दरगाह आला हजरत पर पहुँचकर खत्म हुआ ।
     नासिर कुरैशी ने बताया कि जुलूस से पहले कोहाड़ापीर स्टेज पर कारी गुलाम यासीन ने तिलावत ए कुरान की ।
अंजुमन खुद्दामें रसूल के महासचिव मुफ़्ती सलीम नूरी ने आगाज़ करते हुए कहा कि आज की अज़मत बयान करते हुए कहा कि ईदो की ईद, ईद ए मिलाद है ।  हमारे नबी के आने से पहले अरब की धरती पर हर किस्म की तमाम बुराईयां थी जिसे कम वक्त में नबी करीम ने खत्म किया । इंसानो के हुक़ूक़ ही नही बल्कि  चरंद-परंद (पशु-पक्षियों) के हुक़ूक़ भी तय किये । मौलाना डॉक्टर एजाज़ अंजुम ने कहा कि हमारे नबी को अल्लाह ने दुनिया मे रहमत बनाकर भेजा । मौलाना अब्दुल सुबूर ने कहा कि मेरे नबी की ज़ुरूरत सिर्फ मुसलमानो को ही नही बल्कि सारी दुनिया को है । नबी करीम ने हमेशा अमन ओ सुकून का पैगाम दिया है । मुफ़्ती अनवर अली व मुफ़्ती सय्यद शाकिर अली ने भी खिताब किया ।
दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मिया व सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां की दस्तार बंदी  अंजुमन खुद्दामें रसूल के शान रज़ा, कासिम कश्मीरी व आरिफ उल्लाह, कैफ़ी उल्लाह ने कर जोरदार इस्तकबाल किया ।
ठीक 5 बजकर 5 मिनट पर सय्यद शबाब हुसैन को हज़रत सुब्हानी मियां ने परचम सौपकर जुलूस रवाना किया । किला  साइड की अंजुमन सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां की सदारत में मुख्य जुलूस में शामिल हुई ।
     जुलूस की व्यवस्था शान रज़ा, कासिम कश्मीरी, शाहिद नूरी, अजमल नूरी, नासिर कुरैशी, परवेज़ नूरी, औरंगज़ेब नूरी, ताहिर अल्वी, हाजी जावेद खान, तारिक सईद,  ग़िज़ाल सिद्दीकी, यामीन राइन, फारूक खान, सय्यद मुदस्सिर अली, आले नबी, मंज़ूर खान, मुजाहिद बेग, सय्यद एजाज़, अदनान खान, साजिद नूरी, नईम नूरी, आसिफ रज़ा, नावेद उल्ला, अफ़रोज़ मियां मुल्ला जी, सय्यद नदीम, शारिक बरकाती, इमरान खान, मोहम्मद मियां, सय्यद काशिफ आदि ने संभाली ।
जुलूस ए मोहम्मदी को प्रशासन ने अपनी निगरानी में सभी मार्गों से सुकून से निकलवाया।