शिमला

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शिमला रेप केस में आया नया मोड़ एक चश्मदीद आया सामने)( शिमला में हरियाणा  की 19 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म में नया मोड़ आ गया है इस मामले में एक चश्मदीद सामने आया है सूत्रों के मुताबिक 28 अप्रैल की रात 9:45 बजे पीड़िता अर्धनग्न हालत में मिली थी पीड़िता चिल्ला चिल्ला कर चश्मदीद से मदद मांग रही थी पीड़िता कहीं से भाग कर आ रही थी और बेहद डरी हुई थी पीड़िता के हाथ में एक फोन भी था वह फोन पर कहीं बात कर रही थी पीड़िता इस कदर डरी हुई थी कि वह अपने बचाव के लिए चश्मदीद की गाड़ी में घुसने का प्रयास कर रही थी पीड़िता की हालत देखकर चश्मदीद एकदम घबरा गया और उसने पीड़िता से कहा कि वह घबराए नहीं उसने कहा कि वह पुलिस को तुरंत फोन करके बुला लेगा चश्मदीद ने पीड़िता से कहा कि अगर पुलिस को आने में थोड़ी देर होती है या फिर वह नहीं आती है तो वह मदद के लिए अपनी पत्नी को भी बुला ले लेगा चश्मदीद को किसी बड़ी अनहोनी का आदेश हो रहा था इसलिए उसे लगा कि  एक औरत का दर्द औरत ही समझ सकती है इसी बीच पीड़िता ने चश्मदीद से यह पूछा कि इस जगह का नाम क्या है  चश्मदीद ने बताया कि इस जगह का नाम हील ग्रोव है लेकिन इसी बीच एक बाइक पर दो युवक आए एक लड़का मोटा था और एक पतला लड़कों ने उसे बाइक पर बैठाया और मलयण की तरफ लेकर गए  दोनों में से शायद एक को लड़की जानती थी यह बात चश्मदीद ने घर में जाकर अपने परिवार वालों को बताई 29 अप्रैल को सुबह पुलिस आई तो चश्मदीद ने इस बारे में पुलिस को बताया पुलिस ने चश्मदीद के बयान दर्ज  किए  हैं  पुलिस ने जिस संदिग्ध को हिरासत में लिया था  यह वही पतला लड़का था जो रात को बाइक पर आया था चश्मदीद ने उसको पहचान लिया लेकिन भारी शरीर वाले लड़के की शक्ल याद नहीं रख पाया चश्मदीद ने  पुलिस को बताया कि  अंधेरा होने की वजह से वह बाइक का नंबर आधा ही देख पाया HP 12_03 इतना ही देख पाया यह प्रकरण और पर्चीदा हो गया है एफ आई आर पर लगाए आरोप पर जो सवाल उठ रहे थे इस खुलासे के बाद उन सवालों पर विराम लगता हुआ नजर आ रहा है अब सवाल यह उठ रहा है कि  जब पुलिस को यह सारी जानकारी एफ आई आर के दूसरे दिन मिली तो एसआईटी का गठन क्यों किया गया अब पुलिस की उस प्रेस विज्ञपति पर उठते है कि जिसमें दावा किया गया था कि सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता अकेले ही पैदल जाती हुई नजर आ रही है अब चश्मदीद  के सामने आने के बाद यह साफ हो रहा है कि पुलिस अपना काम ढंग से नहीं कर रही है और दोषियों को बचाने के चक्रों में लगी हुई होती है और पुलिस पीड़िता की बात पर भरोसा ना करते हुए सीसीटीवी पर अपना भरोसा करती है जबकि यह घटना वहां हुई जहां पर सीसीटीवी कैमरा नहीं था लेकिन एक बात समझ नहीं आती कि पुलिस ऐसा क्यों कर रही है दोषियों को क्यों बचा रही है इसके पीछे क्या कारण है इसका पता लगाना बाकी है ब्यूरो रिपोर्ट हिमाचल