श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुन श्रद्धालु हुए भाव विभोर

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हरियाणा; सिरसा। हिसार रोड स्थित निशूराज रिसोर्ट में गनेरीवाला परिवार द्वारा चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कथा का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। इंद्रकुमार गनेरीवाला, शारदा देवी गनेरीवाला, शशीकांत गनेरीवाला, दुर्गेशकांत गनेरीवाला, पीयूषकांत गनेरीवाला ने बताया कि चौथे दिन कथा में श्री कृष्ण जन्म का संजीदगीपूर्वक चित्रण किया गया। कथावाचक अमित जी पुरोहित (बीकानेर वाले) ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने भक्तों का उद्धार व पृथ्वी को दैत्य शक्तियों से मुक्त कराने के लिए अवतार लिया था। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग व उनके जन्म लेने के गूढ़ रहस्यों को बेहद संजीदगी के साथ सुनाया। कथा प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक ने बताया कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी, तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई, तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। भगवान की लीला वे स्वयं ही समझ सकते हैं। भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और भगवान श्रीकृष्ण गोकुल पहुंच गए। कथा का संगीतमयी वर्णन सुन श्रद्धालुगण झूमने लगे। पूरा पंडाल जय श्री कृष्णा के उद्घोष से गूंज उठा। अमित जी पुरोहित ने कहा कि युवा पीढ़ी को सत्संग में अवश्य जाना चाहिए और सत्संग में दिए जाने वाले ज्ञान का रसपान भी करना चाहिए, तभी एक स्वच्छ राष्ट्र का निर्माण होगा।