सदर अस्पताल के प्रांगण में ऑक्सीजन सिलेंडर लावारिस जैसे फेंके जाने पर मची अफरा-तफरी

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भभुआ (कैमूर)–सदर अस्पताल भभुआ के प्रांगण में ऑक्सीजन का गैस सिलेंडर लावारिस जैसे परे हुए दिखाई दे रहे है। ऐसा लगता है कि सिलेंडर का कोई माई बाप ना हो। विभाग के उदासीनता के कारण भरी बरसात में भीग कर जंग लगना शुरू हो गया है। सदर अस्पताल भभुआ में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सहित कई नामी-गिरामी डॉक्टरों का कार्यालय है। सभी का निगाह ऑक्सीजन सिलेंडर पर पड़ रहा है। ज्ञात हो कि कोरोनावायरस की कहर से पूरे कैमूर जिले के लोग त्रस्त थे। ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, भभुआ विधायक भरत प्रसाद बिंद, मोहनिया विधायक श्रीमती संगीता कुमारी, रामगढ़ के विधायक सुधाकर सिंह, कैमूर जिला परिषद अध्यक्ष विश्वंभर नाथ सिंह यादव एवं जिला से लेकर पंचायत प्रतिनिधियों तक ऑक्सीजन गैस सिलेंडर के लेकर महामारी से निपटने को तैयार थे। कई माननीय द्वारा अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर को कमी को लेकर अपने निधि से करोड़ों रुपए देने का कार्य किया। केंद्र एवं राज्य सरकार सख्त हिदायत दे रही है कि कोरोनावायरस की तीसरी लहर आने वाली है। सरकार के ऊंचे ओहदे पर बैठे हुए लोग पगार लेकर अपनी प्राइवेट किलनिक को जगमाने में दिन रात लगे हुए हैं। ऑक्सीजन गैस सिलेंडर को लेकर कैमूर जिला में भारी पैमाने पर अफरा-तफरी मंचा हुआ था। केंद्र एवं राज्य सरकार ऑक्सीजन गैस सिलेंडर को आपूर्ति करने के लिए कई प्लांट बैठाने के लिए निर्णय भी लिया। एक तरफ के केंद्र एवं राज्य सरकार तीसरी लहर को रोकथाम के लिए कई प्रकार की विधानसभा एवं लोकसभा में विधेयक पारित किया है। लेकिन चिकित्सा से जुड़े हुए अधिकारी पदाधिकारी एवं कर्मचारी गण ऑक्सीजन सिलेंडर को ऐसे फेक दे रहे हैं जैसे किसी काम का नहींं है। जिले के कई सम्मानित लोग कोरोनावायरस की महामारी में ऑक्सीजन सिलेंडर को लोगों से दान मांग कर जीवन बचाने के लिए दिन रात एक लगे हुए थे लेकिन सरकार के कर्मी कीमती वस्तुओं को कबाड़ खाने जैसा फेंक दिया जाता है। जब तीसरी कोरोनावायरस की लहर आएगी तो फिर ऑक्सीजन सिलेंडर को बड़े पैमाने पर मांग बढ़ेगी। जिला प्रशासन को समय के अनुसार खाली पड़े ऑक्सीजन सिलेंडर गैस को गोदाम में रखा ने का कार्य करें। बेवजह जगह-जगह अन्यथा फेंक कर बर्बाद ना करें। नहीं तो आने वाले दिनों में कई हमारे ही लोग ऑक्सीजन के अभाव में समय से पहले असमय मौत के काल में समा जाएंगे। फिर प्रशासन बिन पैसे के देख तमाशा चारों और तमाशा ही होगा।