सबको सहारा देने वाला ही बेसहारा हो गया, भू-माफिया ने हड़प ली जमीन

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72 वर्षीय विनोद वर्मा को अपनों ने भी धोखा, अदालत में खाते रहे ठोकरें

UNA NEWS
DELHI BUREAU

पूर्वी दिल्ली,
हसनपुर बस डिपो के साथ ही मधु विहार जो आज इंडद्रप्रस्थ विस्तार के लिए एक एक प्रमुख बाज़ार भी है और मजदूर वर्ग से लेकर मध्यवर्ग तक की रिहाइशी कॉलोनी है। 1980 के आसपास यह मोहल्ला आबाद होना शुरू हुआ और लोग विभिन्न जगहों से आकर बसते गए। उस समय यह बहुत पिछड़ा इलाका था, ज़मीन सस्ती थी, विभिन्न पेशों में काम करने वाले मेहनत मजदूरी करने वाले लोगों ने यहाँ अपना आश्रय बनाया। यहीं से शुरू होती है विनोद वर्मा की कहानी।

विनोद वर्मा बात करते हुए, साथ में हैं पूर्वांचल जन मोर्चा के अध्यक्ष सर्वदेव यादव

विनोद वर्मा ने भी यहाँ जमीन ली, अपने आसपास के लोगों को बसाया, अपने परिवार के लोगों को यहाँ बसाया। कुछ प्लॉट खरीदे भी और कुछ बेचे भी। लेकिन जब यह लोकेशन प्राइम लोकेशन में तब्दील होने लगा तो भू माफिया की नज़र भी पड़ने लगी। उस समय पुलिस प्रशासन, डीडीए, एमसीडी की मिलीभगत से जमीन की हेराफेरी और पैसे का खेल शुरू हुआ।
ज्ञातव्य हो कि अभी भी यह कॉलोनी, कच्ची कॉलोनी ही है, प्रधान मंत्री उदय योजना के तहत 1731 कॉलोनियों के नियमितिकारण और प्लॉट के मालिक को अधिकार देने की योजना में मधु विहार का नाम भी है। अभी भी जो प्रोपेर्टीज़ हैं, वो पावर ऑफ अटॉर्नी के तहत हैं। कॉलोनी का नक्शा भी बना हुआ है। लेकिन हेराफेरी का अंदाजा इस बात से लगाया जाता है कि प्लॉट का नंबर बदल कर रातों रात प्लॉट पर किसी दूसरे का कब्जा करा दिया जाने लगा। इसी चपेट में विनोद वर्मा भी आ गए, आज वो 25 गज के प्लॉट में 3-4 बच्चों जिनमें उनका भी परिवार रहने के लिए मजबूर हो गया है। सुनने में आया है कि विनोद वर्मा के रिश्तेदार इसपर भी कब्जा करने के फिराक में हैं।
विनोद वर्मा अपने अधिकारों के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन रसूखदारों ने इनके वकील को ही खरीद लिया, ऐसा विनोद वर्मा बताते हैं। 16सौ वर्ग गज जमीन पर अपनी दावेदारी भी नहीं ठोक सकते क्योंकि माफियाओं की नज़र उनके प्लॉट पर भी है, उनके पास कागज है लेकिन वो अपनी जमीन पर नहीं जा सकते।

नक्शे में प्लॉट दिखते हुए विनोद वर्मा

प्लॉट का पावर ऑफ अटॉर्नी

मधु विहार का नक्शा

विनोद वर्मा ने जब आरटीआई के जरिये विभिन्न जमीन के टुकड़ों के बारे में पता किया तो बहुत सारी बेनामी ज़मीन हैं जिनपर माफियाओं ने कब्जा कर बड़ी बड़ी दुकानें बना दी हैं और करोड़ों का लाभ ले रहे हैं।
पूर्वांचल जन मोर्चा के अध्यक्ष सर्वदेव यादव ने बताया कि आईपी एक्सटेंशन के साथ लगे हुए इस क्षेत्र जो आज सबसे महंगे लोकेशन में बादल गया है, उस पर भू माफिया और बड़े व्यापारियों की नज़र लगी हुई है जो पुलिस प्रशासन की मदद से और बड़ी पूंजी के संरक्षण में बहुत बड़े बड़े घोटाले हो रहे हैं। पूर्वांचल जन मोर्चा और मधु विहार आरडबल्यूए के माध्यम से इस बारे में कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होने कहा कि जो भी दोषी है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।