अब आंदोलन के लिए नए तौर तरीके इस्तेमाल करने होंगे -अम्बरीष राय

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सरकार के भरोसे कुछ भी मुमकिन नहीं, शिक्षा से बहुसंख्यक लोगों को वंचित करना चाहती है सरकार -उर्मिलेश
विश्व शिक्षा दिवस, राष्ट्रीय बालिका दिवस और ग़ैरबारी के खिलाफ विश्वव्यापी मुहिम के अवसर पर दिल्ली के इंडियन वीमेन प्रेस कॉर्प में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा के व्यापक संदर्भों को सामने रखते हुए वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि यह हुकूमत ज्ञान से बहुत डरती है और इसके लिए ज्ञान के सभी स्रोतों को नष्ट करने पर तुली हुई है। शिक्षा को बचाने के लिए या ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार से कोई उम्मीद अब नहीं रखा जा सकता।
विमर्श को बढ़ाते हुए rte फोरम के राष्ट्रीय संयोजक अम्बरीष राय ने, देश की मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से बात रखते हुए बालिकाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया और बताया कि अब लड़कियां तमाम आंदोलनों की मुख्य भूमिका में उतर रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब आंदोलनों के तौर तरीके बदलने होंगे। जब संसद में जनता की बात उठनी बंद हो जाए तो सड़क ही जनता की संसद हो जाती है।
ऑक्सफैम इंडिया की इनइक्वलिटी कैंपेन की प्रमुख एंजेला तनेजा ने समाज में तमाम विषमताओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हए बताया कि आर्थिक, सामाजिक, लैंगिक और क्षेत्रीय विभाजन तो है ही, लेकिन आर्थिक स्थिति में जो अंतर है, वह किसी भी समाज के लिए अच्छे सूचक नहीं हैं। वेतन मान के मामले में कई हज़ार गुना का अंतर को कैसे जायज ठहराया जा सकता है। एक फीसदी लोगों के पास 78 फीसदी संसाधन को भी कैसे बर्दास्त कुया जा सकता है।
इस गोष्ठी को दिल्ली कमीशन फिर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स की सदस्य रीता सिंह, मोहम्मद सलमान खान, चाइल्ड वेलफेयर कमीशन, दिल्ली सरकार, डॉ अपराजिता शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर, सी एस डी, ने बलिकाओं के शिक्षा बजट को बढ़ाने और शिक्षा तक पहुंच बनाने में लड़कियों को जिन कठिनाइयों से गुजरना पड़ता है, इसे दूर करने के तमाम उपायों पर चर्चा हुई। इसी क्रम में चेंज.org के मुहिम को बढ़ाने और पिटीशन पर हस्ताक्षर अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। दिल्ली के विभिन्न इलाको से आई हुई लड़कियों ने पढ़ाई को लेकर घर, समाज और स्कूल में आ रही दिक्कतों और लड़कियों के बारे में सामाजिक मानसिकता के चलते तमाम बाधाओं के बारे में विस्तार से बताया।
लड़कियों की शिक्षा और बजटीय प्रावधानों सहित शिक्षा के हालात पर एक फैक्ट शीट भी जारी किया गया।
हिम्मत सिंह
ब्यूरो प्रमुख, दिल्ली।