सरिता को कुपोषण से मिली मुक्ति

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पोषण पुनर्वास केन्द्र से मिला स्वास्थ्य लाभ
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेहरा के अंतर्गत ग्राम गोराखार निवासी श्रीमती चंपा पति कालूराम की 6 माह की पुत्री सरिता का वजन 4.200 किग्रा एवं एमयूएसी नाप 10.5 सेंटीमीटर होने के कारण सरिता को कुपोषण की श्रेणी में रखा गया था। एएनएम श्रीमती ललिता पांसे, आशा कार्यकर्ता श्रीमती ललीता उइके एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती संगीता माकोड़े द्वारा सरिता के माता-पिता को उसे एनआरसी (पोषण पुनर्वास केन्द्र) में भर्ती करने की सलाह दी गई।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिजनों ने अस्पताल जाने से इंकार कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर खण्ड विस्तार प्रशिक्षक श्रीमती चन्द्रगीता पद्माकर द्वारा सरिता के परिजनों को कुपोषण के नुकसान के बारे में समझाया गया तथा आर्थिक नुकसान नहीं होने एवं 14 दिन की क्षतिपूर्ति राशि शासन से प्राप्त होने की जानकारी दी गई, जिससे परिजन सरिता को एनआरसी में जे जाने के लिए तैयार हो गए।
एएनएम ने 24 जुलाई 2019 को सरिता को एनआरसी में भर्ती कराया। यहां 14 दिन भर्ती रहने के बाद 06 अगस्त 2019 को अस्पताल से सरिता की छुट्टी हुई। छुट्टी के समय सरिता का वजन 4.680 किलोग्राम तथा एमयूएसी नाप 11.1 सेंटीमीटर हो गया। अब सरिता के पोषण स्तर में सुधार है। एनआरसी में भर्ती होकर सरिता को स्वास्थ्य लाभ मिला एवं कुपोषण से मुक्ति मिली। सरिता के माता-पिता एनआरसी में मिली स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग का आभार मानते हैं।