कुन्दनपुर में विद्यार्थीयों को स्मार्ट खेती के तरीके व करियर सलाह दी

क्षेत्र के कुन्दनपुर में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थीयों को मंगलवार को चम्बल फर्टिलाईजर्स की कृषि विकास प्रयोगशाला द्वारा आयोजित आमुखिकरण कार्यक्रम में कृषि पर्यवेक्षकों ने विद्यार्थीयों को स्मार्ट खेती से संबंधित तकनीकी ज्ञान व उर्वरक उद्योगों की कार्यप्रणाली तथा 12 वी के करियर की सलाह दी। इस कार्यक्रम में स्कूल के करीब सौ छात्रों ने भाग लिया।

डॉ. जगमोहन सैनी, उप प्रंबधक कृषि विकास प्रयोगशाला ने छात्रो को यूरिया उर्वरक निर्माण में काम आने वाले कच्चे पदार्थो, निर्माण विधि, यूरिया निर्माण के पश्चात पैकिंग तथा रेल में लोडिंग आदि के बारे में बताया। साथ ही कृषि विकास प्रयोगशाला द्वारा चलाई जा रही विभिन्न तकनीकी सेवाओं जैसे मृदा व पानी परीक्षण के महत्व के बारे में विद्यार्थीयों को विस्तृत जानकारी दी। डॉ. सैनी ने विद्यार्थीयों को बताया की स्मार्ट खेती के विभिन्न तकनीकों को अपनाकर हम न केवल अधिक फसल उत्पादन ले सकते पर्यावरण प्रदूषण को कम करके मानव स्वास्थय में भी सुधार किया जा सकता है। स्मार्ट खेती में जल स्मार्ट, न्यूट्रिएट स्मार्ट, कार्बन स्मार्ट, उर्जा स्मार्ट, मौसम स्मार्ट एवं ज्ञान स्मार्ट आदि तकनीकि आती है। डॉ. सैनी ने बताया की 12वीं के बाद विधार्थियों के कई सारे विकल्प होते हैं जिनमे अधिकतर छात्र यह निर्णय नहीं ले पाते कि उन्हें कौनसा कॉर्स या कौनसा विषय चुनना है। इसलिए छात्रों को सबसे पहले 12 वीं के बाद के बाद कोई लक्ष्य जरुर बनायें, क्योंकि बिना लक्षय के पता ही नहीं चलेगा कि आपको करना क्या है। लेकिन कोई लक्ष्य निर्धारित करने और उसे प्राप्त करने में पूरी कोशिश करने पर सफलता जरुर मिलेगी। यह प्रतिस्पर्धा का दौर है। व्यावसायिक विषयों में सीमित प्रवेश संख्या होती है और प्रतिस्पर्धियों की संख्या ज्यादा है। इसलिए प्रतिस्पर्धा परीक्षा की तैयारी के लिए 12 वीं के साथ एक अलग से योजना जरूर बनाएं।

डॉ. सुभाष असवाल, मृदा वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, अन्ता ने विद्यार्थीयों को क्षेत्र की कृषि कार्यविधी की विस्तृत जानकारी देते हुए क्षेत्र की फसलों के उत्पादन में उर्वरक, खरपतवारनाशक, कीटनाशक एवं फफूंदनाशको के सन्तुलित प्रयोग व वैज्ञानिक व व्यवहारिक ज्ञान से अवगत कराया। इन तरीकों से खेती में अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। डॉ. असवाल ने विद्यार्थीयों को एक सफल नागरिक बनने हेतु लग्न, आत्मविश्वास एवम् सकारात्मक सोच से काम करने की प्रेरणा दी।

स्कूल के अध्यापकों ने कम्पनी के अधिकारीगण का विद्यालय में स्वागत करते हुए कम्पनी द्वारा किसानों की सेवा में चलाई जा रही विभिन्न तकनीकी सेवाओं को सराहा तथा सभी विद्यार्थीयों को इस कार्यक्रम से महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थीयों को सामान्य ज्ञान की पुस्तिका वितरित की। कार्यक्रम के अन्त में विद्यार्थीयों से कृषि से संबधित प्रश्न पूछे तथा विजेता विद्यार्थीयों को पुरूस्कार किए।

कुन्दनपुर में विद्यार्थीयों को स्मार्ट खेती के तरीके व करियर सलाह दी

सांगोद, 12 फरवरी(ब्यूरो)

क्षेत्र के कुन्दनपुर में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थीयों को मंगलवार को चम्बल फर्टिलाईजर्स की कृषि विकास प्रयोगशाला द्वारा आयोजित आमुखिकरण कार्यक्रम में कृषि पर्यवेक्षकों ने विद्यार्थीयों को स्मार्ट खेती से संबंधित तकनीकी ज्ञान व उर्वरक उद्योगों की कार्यप्रणाली तथा 12 वी के करियर की सलाह दी। इस कार्यक्रम में स्कूल के करीब सौ छात्रों ने भाग लिया।

डॉ. जगमोहन सैनी, उप प्रंबधक कृषि विकास प्रयोगशाला ने छात्रो को यूरिया उर्वरक निर्माण में काम आने वाले कच्चे पदार्थो, निर्माण विधि, यूरिया निर्माण के पश्चात पैकिंग तथा रेल में लोडिंग आदि के बारे में बताया। साथ ही कृषि विकास प्रयोगशाला द्वारा चलाई जा रही विभिन्न तकनीकी सेवाओं जैसे मृदा व पानी परीक्षण के महत्व के बारे में विद्यार्थीयों को विस्तृत जानकारी दी। डॉ. सैनी ने विद्यार्थीयों को बताया की स्मार्ट खेती के विभिन्न तकनीकों को अपनाकर हम न केवल अधिक फसल उत्पादन ले सकते पर्यावरण प्रदूषण को कम करके मानव स्वास्थय में भी सुधार किया जा सकता है। स्मार्ट खेती में जल स्मार्ट, न्यूट्रिएट स्मार्ट, कार्बन स्मार्ट, उर्जा स्मार्ट, मौसम स्मार्ट एवं ज्ञान स्मार्ट आदि तकनीकि आती है। डॉ. सैनी ने बताया की 12वीं के बाद विधार्थियों के कई सारे विकल्प होते हैं जिनमे अधिकतर छात्र यह निर्णय नहीं ले पाते कि उन्हें कौनसा कॉर्स या कौनसा विषय चुनना है। इसलिए छात्रों को सबसे पहले 12 वीं के बाद के बाद कोई लक्ष्य जरुर बनायें, क्योंकि बिना लक्षय के पता ही नहीं चलेगा कि आपको करना क्या है। लेकिन कोई लक्ष्य निर्धारित करने और उसे प्राप्त करने में पूरी कोशिश करने पर सफलता जरुर मिलेगी। यह प्रतिस्पर्धा का दौर है। व्यावसायिक विषयों में सीमित प्रवेश संख्या होती है और प्रतिस्पर्धियों की संख्या ज्यादा है। इसलिए प्रतिस्पर्धा परीक्षा की तैयारी के लिए 12 वीं के साथ एक अलग से योजना जरूर बनाएं।

डॉ. सुभाष असवाल, मृदा वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, अन्ता ने विद्यार्थीयों को क्षेत्र की कृषि कार्यविधी की विस्तृत जानकारी देते हुए क्षेत्र की फसलों के उत्पादन में उर्वरक, खरपतवारनाशक, कीटनाशक एवं फफूंदनाशको के सन्तुलित प्रयोग व वैज्ञानिक व व्यवहारिक ज्ञान से अवगत कराया। इन तरीकों से खेती में अधिक मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। डॉ. असवाल ने विद्यार्थीयों को एक सफल नागरिक बनने हेतु लग्न, आत्मविश्वास एवम् सकारात्मक सोच से काम करने की प्रेरणा दी।

स्कूल के अध्यापकों ने कम्पनी के अधिकारीगण का विद्यालय में स्वागत करते हुए कम्पनी द्वारा किसानों की सेवा में चलाई जा रही विभिन्न तकनीकी सेवाओं को सराहा तथा सभी विद्यार्थीयों को इस कार्यक्रम से महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थीयों को सामान्य ज्ञान की पुस्तिका वितरित की। कार्यक्रम के अन्त में विद्यार्थीयों से कृषि से संबधित प्रश्न पूछे तथा विजेता विद्यार्थीयों को पुरूस्कार किए।