शहीदों को सरकारी पैकेज नहीं मिला, धारीवाल ने अधिकारियों के प्रति जताई नाराजगी

  • धारीवाल ने पैकेज मुहैया कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए
  • खेत पर स्थित शहीद हेमराज मीणा के मकान तक सड़क बनाने के धारीवाल ने सानिवि विभाग के अधिकारियों को मौके पर दिए निर्देश।

पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए विनोदकलां निवासी शहीद हेमराज मीणा के घर परिजनों को ढाढ़स बंधाने गुरूवार को नगरीय आवास मंत्री शांतिकुमार धारीवाल विनोदकलां गांव पहुंचकर शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद परिजनों को ढाढ़स बंधाते हुए ईश्वर से इस दुखद क्षण में परिजनों को साहस देने की प्रार्थना की। शहीद के परिजनों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे नगरीय आवास मंत्री धारीवाल ने शहीद के परिजनों से राज्य सरकार की ओर मिलने वाली सुविधाओं में क्या-क्या सुविधाएं मिली पर चर्चा की। परिजनों ने राज्य सरकार की द्वारा घोषित अब तक किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिलने की जानकारी दी। इस पर धारीवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शहीदों के प्रति अधिकारियों का यह रवैया सही नहीं है। अब तक तो परिजनों को सरकारी पैकेज मिल जाना चाहिए था। बाद में उन्होंने स्वयं अधिकारियों से पैकेज सूची लेकर परिजनों को पढ़कर सुनाया। साथ ही अधिकारियों से जल्द पैकेज की सुविधाएं परिजनों को मुहैया करवाने के निर्देश दिए।

बिलखकर रोने लगी बड़ी बेटी-

मंत्री धारीवाल पलायथा होते हुए शहीद के घर पहुंचे। यहां पहले उन्होंने पुरूषों के लिए बनाए पांडाल में परिजनों से चर्चा के बाद घर के सामने खाली जगह में बने महिलाओं के पांडाल में पहुंचकर वीरांगना मधुबाला एवं अन्य परिजनों को ढाढ़स बंधाया। वीरांगना मधुबाला ने भी भारत माता की जय और शहीद अमर रहे के नारों के साथ अपने पति की शहादत पर फक्र जताया। इस दौरान शहीद की बड़ी बेटी रीना अपना सब्र खो बैठी और बिलखने लगी। मंत्री धारीवाल ने भी एक पिता की तरह उस दुलार किया और ढाढ़स बंधाते हुए परिवार के हर दुख में साथ रहने की बात कही। करीब 20 मिनट तक धारीवाल परिजनों के बीच रहे और उन्हें मदद का भरोसा दिलाया।

अधिकारीयों को दिए निर्देश-

बाद में उन्होंने समाधि स्थल पर पहुंचकर शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किया। परिजनों ने मुख्य सड़क से खेत पर स्थित घर तक सड़क बनाने की मांग फिर मंत्री धारीवाल के समक्ष रखी। उन्होंने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को मौके पर बुलाकर जल्द इसके प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने रास्ता राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने की समस्या बताई तो मंत्री ने तहसीलदार को बुलाकर किसानों से सहमति लेकर जल्द इसके समाधान के निर्देश दिए।

ये रहे मौजूद-

मंत्री धारीवाल के साथ यूआईटी कोटा के पूर्व चैयरमेन रविन्द्र त्यागी, पूर्व उपप्रधान ओमप्रकाश शर्मा, शिवकांत नंदवाना, राजेन्द्र सांखला, पूर्व देहात जिलाध्यक्ष रूक्मणी मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष कुशलपाल सिंह, पूर्व नगर अध्यक्ष श्यामबिहारी शर्मा, नरेश मंगल, पूर्व मार्केटिंग सोसायटी अध्यक्ष उस्मान मिर्जा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष राजेन्द्र गहलोत, पूर्व जिला प्रमुख भरत मारन, चौथमल धाकड़ समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

शहीद के घर गुरूवार को ही राज्य के पूर्व मंत्री एवं एसटी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर मीणा, प्रदेश महामंत्री नारायण मीणा, प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मीणा, प्रधान प्रतिनिधि हेमराज मीणा आदि ने भी शोक संतृप्त परिजनों को ढाढ़स बंधाया। शहीद हेमराज मीणा और लडानिया के शहीद मुकुट बिहारी मीणा को जल्द सरकार की ओर से घोषित सरकारी सुविधाएं देने की मांग रखी।

परिवहन मंत्री िवनोदकलां में आज

राज्य के परिवहन एवं कोटा के प्रभारी मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी शुक्रवार को विनोदकलां गांव पहुंचकर शोक संतृप्त परिजनों को ढाढ़स बंधाएंगे। कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता मनोज दुबे ने बताया कि मंत्री खाचरियावास शाम करीब पांच बजे सड़क मार्ग से विनोदकलां गांव पहुंचेंगे और शहीद परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना देंगे।