नगाड़ों की गडगड़ाहट के साथ बारहभाले की सवारी निकली

·       राजसी वेष में निकले उमराव

·       सुरिले लोक संगीत की धुनों पर खूब थिरके किन्नर

कस्बे में फागोत्सव के अवसर पर होली के रंग का रंग भी नहीं उतरा कि सांगोदवासी फागोत्सव के बाद आयोजित  होने वाले वाले न्हाण लोकोत्सव का रंग तन-मन में चढ़ने लगा है। होली के बाद चलने वाले पांच दिवसीय ऐतिहासिक लोकोत्सव न्हाण उत्सव के नगाड़ों की गडगडाहट की धूम घूघरी की रस्म के साथ जयघोष हो गया। न्हाण लोकोत्सव में शनिवार को न्हाण अखाड़ा चौधरी पाड़ा(बाजार)बारह भाले की सवारी निकाली। जिसमें शामिल स्थानीय कलाकारों ने दर्शकों को अपने स्वरचित हास्य व्यंग से गुदगुदाते हुए निकले। बाजार न्हाण के बारह भाले की सवारी लुहारों के चौक से सांय ठीक समय पर नगाड़ों की थाप, राजस्थानी सुरिले संगीत की शहनाईयों के शुरू हुई। इस उत्सव के पहले दिन दूर दराज से आये अनेक अश्वों पर राजसी वेशभूषा में सजधज कर राजसी लवाजमें में अश्वों पर अठखेलियां करते हुए निकले। न्हाण उत्सव में वर्तमान राजैतिक, देशभक्ति व प्राचीन परंपरा के परिदृश्यों पर स्वांग रचकर अट्‌ठहास भरे हास्य व्यंगों से दर्शकों का मनोरंजन करते हुए निकले। न्हाण उत्सव में शनिवार को सुबह से ही स्वांगों ने बाजार व चौराहों पर पहुंचकर लोगों में आकर्षित रहे। वहीं, न्हाण में राजस्थानी लोक संगीत, फिल्मी गानों की धुनों पर थिरकते किन्नर आकर्षक बने रहे।

शनिवार को शहीद दिवस होने से युवाओं ने स्वांगों के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी। न्हाण देखने के लिए पहले दिन ही लोगों की खासी भीड़ उमड़ी। न्हाण सवारी के मार्ग के मकानों एवं दुकानों की छतें महिलाओं, पुरूष, बच्चों व बुजुर्गों की भीड़ देखने को मिली। देर सांय करीब 5 बजे लुहारों के चौक से मां ब्रह्मणी मंदिर पर पूजा अर्चना के बाद शुरू हुई, जो बारह भाले की सवारी जामा मस्जिद, होली का चौक, पुराना बाजार से होती हुई गंतव्य स्थल पंहुची।

पुलिस का कड़ा बंदोबस्त

बारह भाले की सवारी में पुलिस का कड़ा बंदोबस्त रहा। न्हाण के संवेदनशील जगह होली के चौक में दर्जनों पुलिस के जवान तैनात रहे। एहतियात के तौर पर सवारी के पूरे मार्ग पर पुलिस के जवान मुस्तैद रहे। पुलिस उपअधीक्षक जिले के कई थानों के अधिकारियों समेत डेढ़ सौ से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने शांति व्यवस्था के लिए न्हाण सवारी में मोर्चा संभाला।

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उमरावों ने बढ़ाई शोभा

बारह भाले की सवारी में पांच दर्जन से अधिक अश्वों पर सवार नन्हें – मुन्ने अमीर उमरावों ने सवारी की शोभा में चाद चांद लगा दिए। आधुनिक परिधानों से सजे किन्नरों ने भी उमरावों के आगे महिलाओं की तरह ठुमके लगाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। न्हाण में इस बार परम्परागत लोकगीतों की कमी लोगों को खुब अखरी। डीजे पर फिल्मी गीतों पर किन्नरों ने जमकर थिरके।

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जागरूकता का दिया संदेश

बारह भाले की सवारी में लोगों को विभिन्न मुद्दों पर जागरूक करते एवं देशभक्ति का संदेश देते स्वांगों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगरपालिका कर्मचारियों ने लोकनृत्य आधारित स्वांग से मतदान का संदेश दिया। वहीं शहीद सुखदेव, राजगुरू और भगत सिंह के साथ चन्द्रशेखर आजाद व सैनिकों के बलिदान के स्वांगों ने लोगों के जेहन में देशभक्ति की यादे ताजा कर दी। वहीं, सवारी में भीड़ को तीतर बीतर करने के लिए कोड़े मारते युवकों के साथ सेठ-सेठानी, लुहार परिवार, सांटियों की लड़ाई, बुजुर्ग की शादी, मथरा-मथरी फकीर,चुड़ेल जैसे परम्परागत स्वांगों के साथ नए स्वांगों की भी अधिकता रही। स्थानीय युवकों ने स्वांग के माध्यम से गंगा नदी में नाव यात्रा के प्रियंका गांधी के स्वांग के जरिए वर्तमान राजनीतिक पर कटाक्ष किया। वहीं, कुंभ स्नान को जाते नागा साधूओं, बच्चों को टॉफियां बांटते कार्टून स्वांग आदि ने लोगों को गुदगुदाते हुए निकले।

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बादशाह की सवारी आज

रविवार को बादशाह की सवारी निकाली जाएगी, जो देर शाम 5 बजे रंगनाथजी के मंदिर से शुरू होगी। बादशाह की सवारी पुराना बाजार, खाड़ा व गढ़ चौक होते हुए लक्ष्मीनाथ जी के चौक पहुंचेगी। यहां स्थानीय कलाकारों द्वारा बादशाह के समक्ष हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया जाएगा।