सासाराम संवाददाता-बच्ची की मौत पर अस्पताल में हंगामा:-

नगर स्थित एक निजी शिशु अस्पताल में चिकित्सीय लापरवाही से तीन माह की बच्ची की मौत हो गई। मृतका हनीफा तुर्कबिगहा गांव के निवासी जाहिद खां की पुत्री थी। उसकी मौत को लेकर परिजन आईसीयू का शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किए। खूब हंगामा किया।

बताया जाता है कि हनीफा की तबीयत खराब होने पर मंगलवार को पांच बजे शाम में अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। बच्ची को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। बच्ची की हालत पूछने पर कर्मी टालमटोल करते रहे। जाहिद असलम खां रात में आठ बजे अस्पताल पहुंचे। बच्ची को देखने के लिए आईसीयू में घुसना चाहा तो कर्मियो ने रोक दिया। वे गुस्से में आईसीयू का शीशा तोड़कर अंदर घुसे तो बच्ची को मृत पाया। उसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। अस्पताल के कर्मी फरार हो गये। अस्पताल के संचालक डॉ. बीबी सिंह ने अपने कर्मियों को ही घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

सासाराम -एक जुलाई से बालू खनन पर लगेगी रोक

पर्यावरण दृष्टिकोण से एनजीटी के निर्देश पर तीन माह तक सोन नद से बालू खनन का कार्य बंद रहेगा। इसके लिए मुख्यालय स्तर से आदेश निर्गत हो चुका है। यह निर्देश भी दिया गया है कि बंदोबस्तधारी 30 जून तक बालू का भंडारण कर लें। अन्यथा 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बालू खनन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

विभाग के अनुसार बालू घाटों की नीलामी की समय सीमा निर्धारित है। हालांकि इस दौरान जिले में बालू की किल्लत नहीं होगी, क्योंकि वैध के बजाय अवैध तरीके से भारी मात्रा में जगह-जगह बालू डंपिंग की गई है। विभाग में एनजीटी के पत्र के आलोक में बंदोबस्तधारियों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि खनन क्षेत्र के 300 मीटर की दूरी तक बालू का भंडारण बिना अनुज्ञप्ति के कर सकते हैं। उन्हें विभाग से किसी प्रकार की अनुज्ञप्ति लेने की आवश्यकता नहीं है। अगर बालू भंडारण में किसी बंदोबस्तधारी को परेशानी आ रही है, तो वे कार्यालय में आकर समस्या का समाधान कर सकते। सरकारी व आम आदमी को भवन निर्माण के लिए बालू का संकट न हो, इसके लिए बंदोबस्तधारी को अधिक से अधिक बालू का भंडारण करना पड़ेगा। ताकि बरसात में बालू के लिए भटकना नहीं पड़े। बालू भंडारण का आकलन माइनिंग अफसर स्वयं करेंगे