स्कूल प्रशासन के लापवाही से  स्कूल कर्मचारी के पिता की कोरोना पीड़ित से मौत

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स्कूल प्रशासन के लापवाही से  स्कूल कर्मचारी के पिता की कोरोना पीड़ित से मौत तथा कर्मचारी को भी हुआ था कोरोना।
   –पीड़ित कर्मचारी ने साफ साफ अपने ब्यान में स्पष्ट किया है कि किस तरह दिल्ली के अस्पतालो में लापरवाही हो रही है क्योंकि पीड़ित के पिता को अस्पताल में एडमिट कराया जाता है तो उनको एडमिट करने से मना कर दिया जाता है उसके ठीक 3से4 दिन के भीतर ही पीड़ित के पिता जी की मौत हो जाती है-
   उससे भी ज्यादा लापरवाही का मामला पीड़ित के स्कूल में देखा गया,पीड़ित कर्मचारी का नाम जय कुमार कस्तेलिया है वह दिल्ली के MCD स्कूल में टिचर है  और उसकी ड्यूटी लोकडॉन में राशन बाटने में लगी हुई थी उस दौरान उनकी तवियत धीरे धीरे बिगड़ने लगती है उसने अपने तवियत के बारे में तुरंत अपने स्टाफ सीनियर को बताता है पर उस पर कोई ध्यान नहीं देता पर धीरे धीरे तवियत और ज्यादा खराब होने लगती है पीड़ित कर्मचारी ने स्पष्ट कर देता है कि उसे कोरोना हो गया है और उसे आराम की शख्त जरूरत है इसलिए वह अपने छुट्टी का प्रस्ताव अपने स्कूल के प्रबंधक को देता है पर उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया जाता है तथा उसको यह निर्देश दिया जाता है कि आप एजुकेशन डिपार्टमेंट से छुट्टी का प्रस्ताव को पास करवाकर लाना है तो जाकर स्कूल प्रबंधन आपके प्रस्ताव को पास करेगा।
तब तक काफी देर हो चुकी थी कर्मचारी की तबियत बहुत खराब होने लगी। उसके बाद कर्मचारी के सम्पर्क में उसके पिताजी आ गए उस दौरान उनको भी कोरोना की शिकायत हो गई अब घर मे बाप बेटे को हो चुका था दोनों को अस्पताल में ले जाया जाता है तो डॉक्टर ने एडमिट करने से मना कर देते हैं यह कहते हुए की यहाँ कोई बेड खाली नहीं है। फिर GTB अस्पताल में एडमिट कराया जाता है तो कर्मचारी के पिता को एडमिट नहीं किया जाता पर यह कह कर की उनकी तवियत ठीक है पर बेटे को एडमिट कर लिया जाता है।
3 तीन के बाद पिता की मौत हो जाती है,बेटे को खबर तक भी नही लगने दिया जाता,जब लगभग 1 महीने के बाद पता चलता है तो उसे बहुत दुःख होता है और अब वह काफी डिप्रेशन में है।
इसमे साफ तौर से यह स्पष्ट होता है कि किस तरह स्कूल व अस्पताल में लापरवाही हो रहा है आखिर इसका जिम्मेदार कौन है।