स्वामी विवेकानन्द ने संसार को सहनशीलता और सद्भाव का पाठ पढ़ाया: परमानन्द शास्त्री

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सिरसा।।(सतीश बांसल) जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डिंग (सिरसा) द्वारा विवेकानन्द जयंती के अवसर पर ऑनलाइन विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। विचारगोष्ठी का आरंभ दीप रानी के गीत से किया गया। वर्तमान में विवेकानन्द के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर बोलते हुए संस्थान के वरिष्ठ प्रवक्ता परमानन्द शास्त्री ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द को विशेष रूप से शिकागो में सम्पन्न विश्व धर्मसंसद में उनके ऐतिहासिक भाषण के लिए जाना जाता है। उस धर्मसंसद में स्वामी विवेकानन्द ने फिरका परस्ती, भेदभाव को मिटाकर सब धर्मों को सहनशीलता और सद्भाव का पाठ पढ़ाया था। वर्तमान समय में स्वामी विवेकानन्द के इन उपदेशों एवं आदर्शों का अनुसरण करने की जरूरत है। स्वामी विवेकानन्द ने जोर देकर कहा था कि अगर कोई ख्बाव देखता है कि सिर्फ उसी का धर्म बचा रह जाएगा और दूसरे नष्ट हो जाएंगे तो मैं दिल की गहराइयों से उस पर तरस ही खा सकता हूं। जल्दी ही सब झंडों पर कुछ लोगों के विरोध के बावजूद यह अंकित होगा कि लड़ाई नहीं दूसरों की सहायता, विनाश नहीं मेलजोल, वैमनस्य नहीं बल्कि सद्भाव और शांति। उसके बाद पूजा, सुमित परिहार, मयंक, रमेश कुमार ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन एवं शिक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की। संस्थान की वरिष्ठ प्रवक्ता शीला विनायक ने इस आयोजन में सक्रिय सहभागिता के लिए छात्रों को मुबारकबाद दी। उन्हेंने कहा कि युवाओं को स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों का अनुकरण करते हुए सामाजिक कार्यों में बढ़चढ़कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक रोशन लाल कम्बोज ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक कथनों को सांझा किया। इस अवसर पर संस्थान के प्रवक्ता सुरेंद्र नूनिया, सोम प्रकाश ठुकराल, चंद्र प्रकाश समेत सभी छात्राध्यापक शामिल रहे।

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