हिमाचल प्रदेश

0
1

हिमाचल प्रदेश के बड़े हस्पताल आईजीएमसी में कई मरीज बेड पर तो कई फर्श पर तड़प तड़प कर अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं)( शिमला कहते हैं अस्पताल में मरीज तभी आता है जब वह बीमारी से पीड़ित हो मरीज यही उम्मीद लेकर आता है कि अस्पताल में जाकर मैं ठीक हो जाऊंगा और स्वस्थ होकर अपने घर चला जाऊं लेकिन हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी की स्थिति कुछ ऐसी हो गई है कि यहां मरीज दुगनी बीमारी होकर घर को वापस जा रहे हैं यहां पर सुविधा देने को सरकार और प्रशासन के दवे हाथी के दांत की तरह है दिखाने के और और खाने के और साबित हो रहे हैं आईजीएमसी के कार्डियोलॉजी सहित अन्य वार्डी की अगर बात की जाए तो एक ही बेड पर दो से तीन मरीजों लेटाए जाते हैं ऐसे में मरीजों को संक्रमण होने का भी खतरा बढ़ रहा है वार्ड के अंदर मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन जो मरीज जिन्हें बेड नहीं मिल पा रहा है वह भी बाहर फर्श पर पड़े दिन रात तड़प रहे हैं बाहर सो रहे मरीजों के सबसे ज्यादा कैंसर पीड़ित मरीज है यह मरीज ना तो सो पा रहे हैं और ना ही रात को बैठकर राते गुजार पते हैं हद तो यह है कि हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल आईजीएमसी है यहां पर सुविधा देने को लेकर सरकार और प्रशासन के दावे खोखले नजर आए हैं इसमें ना तो कोई सरकार और ना ही प्रशासन इसकी देखरेख कर रहा है यहां पर मरीज तड़प तड़प कर अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं जब मरीजों और उनके साथ आए हुए व्यक्तियों से बात की तो उन्होंने कहा की उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि हमारे मरीजों को भर्ती करवा दो तो डॉक्टर ने बोला कि हमारे पास बेड की सुविधा नहीं है और साथ में बोला कि आप अपने मरीजों को यहां से ले जा सकते हैं इस परिस्थिति में गरीब मरीज और उसके साथ आए हुए लोग ना तो होटल में कमरा ले सकते हैं और ना ही उन्हें अस्पताल में कोई बेड दिया जाता मजबूरन उनको रात को अस्पताल के बाहर फर्श पर बैठकर रात गुजारनी पड़ती है ऐसे में कैंसर पीड़ित व्यक्ति को अपना इलाज करवाना मुश्किल हो गया है इस अस्पताल में सबसे बड़ी बात यह है कि अगर कोई इमरजेंसी केस भी होता है तो डॉक्टर वहां समय पर नहीं पहुंचता जहां 2 मिनट का समय लगता है वहां डॉक्टर 10:15 मिनट लेट पहुंच जाते हैं अगर सरकार की बात करें तो उन्हें कोई परवाह नहीं है खासकर बीजेपी सरकार की मैं बात करता हूं उन्हें तो अपने से ही मतलब है गरीब और मरीज जहां मर्जी रहे हो ना कोई फर्क नहीं पड़ता