शिरगुल महाराज के मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब देव संस्कृति की दिखी अनूठी झलक)( शिमला जिले के धोताली मैं देव आस्था की अनूठी तस्वीरें देखने को मिली दरअसल चौपाल के दुर्गम क्षेत्र धोताली गांव में शिरगुल महाराज के नए मंदिर का निर्माण किया गया है जिस के उपलक्ष में यहां शांत उत्सव का आयोजित हुआ जानकारी के मुताबिक करीब 30 साल बाद यहां आयोजित शांत उत्सव मैं हजारों की संख्या में विभिन्न क्षेत्र से लोग पहुंचे परंपरा अनुसार विधिवत मंदिर के ऊपरी इससे मैं खुरड़ चढ़ाई गई इसके बाद मैं मंदिर में शिरगुल महाराज की मूर्ति को स्थापित किया गया आयोजकों ने बताया कि जब किसी मंदिर का निर्माण होता है तो या उत्सव का आयोजन किया जाता है मंदिर में खुरड़ चढ़ाने का तरीका अद्भुत होता है खास बात यह है कि खुरड़ एक ही पेड़ की लकड़ी से बनाया जाता है और जहां पर पेड़ काटा जाता है उस स्थान से स्थापना वाले दिन खुरड़ को उठाया वह मंदिर में स्थापित किया जाता है खुरड़ को उठाना और उसे छूना शुभ माना जाता है यही कारण है कि इसे उठाने होंड लगी रहती है पारंपारिक ढोल नगाड़े और देव परंपराओं के साथ खुरड़ को मंदिर तक लाया जाता है यहां बनाएंगे इस मंदिर का निर्माण कार्य मैं करीब 5 साल का वक्त लग गया इस निर्माण कार्य पर जहां करोड़ों रुपए खर्च किए गए वहीं यह पहाड़ी शैली का अद्भुत नमूना पेश किया गया है मंदिर का पूरा निर्माण पहाड़ी शैली में हुआ है और लकड़ी पर अद्भुत नकाशी की गई है आयोजक का कहना था कि लोगों ने मंदिर निर्माण कार्य में बढ़ चढ़कर सहयोग किया शांत उत्सव के दौरान यहां विभिन्न क्षेत्र से 8 देव पालकीया भी पहुंची और लोगों को एक साथ कई देवी-देवताओं के दर्शन करने का मौका मिला देव संस्कृति की जब इस तरह की तस्वीरें पेश आती है तो कहा जा सकता है कि आज भी हिमाचल के लोग देवी देवताओं मैं आस्था रखते हैं और देव संस्कृति यहां अभी भी जिंदा है