पुलिस कस्टडी में मौत का मामला आईजी जैदी नहीं हुए कोर्ट में पेश)( हिमाचल प्रदेश शिमला डिस्टिक के कोटखाई मैं बहुत चर्चित गुड़िया रेप व मर्डर केस मैं गिरफ्तार किए गए के आरोपी की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले का ट्रायल शिमला से चंडीगढ़ जिला अदालत में ट्रांसफर हो गया वीरवार को इस केस की पहली पेशी थी जिसमें 9 आरोपियों को आना था लेकिन आई जी जहूर एच जैदी को छोड़कर बाकी सभी आरोपी अदालत में पेश हो गए अब मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी( कोटखाई थाने में हुई थी कथित आरोपी सूरज की मौत)( बता दे कि 4 जुलाई 2017 को कोटखाई के एक स्कूल की छात्रा अचानक लापता हो गई थी 2 दिन बीतने पर उसका शव स्कूल के साथ लगते जंगल एरिया में बरामद हुआ था पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी जिसके बाद इस केस की जांच के लिए राज्य सरकार ने आईजी जैदी की अगवाई में एसआईटी बनाई थी एसआईटी ने केस को सुलझाने का दावा करते हुए एक स्थानीय युवा और पांच मजदूरों को गिरफ्तार किया जिसमें सूरज नाम के एक नेपाली युवक भी था लेकिन कोटखाई थाने में 18 जुलाई 2017 की रात को सुरज की संधिगत हालत में मौत हो गई बताया जा रहा है कि सुरज सरकारी गवाह बनने के लिए तैयार हो गया था उसको मालूम था कि यह रेप किसने किया है इस बात की भनक पुलिस वालों को लग गई और पुलिस वालों ने मिलकर सूरज को मौत के घाट उतार दिया इस बात की खबर मीडिया और जनता को लगी तो पुलिस वालों ने एक मनगढ़ंत कहानी बनानी शुरू कर दी और बताया गया कि सुरज कि उसके साथी के साथ मारपीट हुई जिसके चलते सुरज की मौत हो गई लेकिन सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस वालों ने उसको टॉर्चर करके मार दिया पुलिस कस्टडी मौत मामले में सीबीआई ने आईजी जहूर एच जैदी एसपी डी डब्ल्यू नेगी ठियोग डीएसपी मनोज जोशी कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह ए एस आई दीपचंद हेड कांस्टेबल सूरत सिंह मोहनलाल रफीक अली और कांस्टेबल रजीत को आरोपी बनाया बताया जा रहा है कि इन सब लोगों ने करोड़ों रुपए रिश्वत खाई है और इस केस को दबाने के लिए पूरी कोशिश यहां तक कि सरकारी गवाह को भी उन्होंने मार डाला