जिला कलक्टर के निर्देश पर नोडल अधिकारी ने ली कृषि, सहकारिता एवं उर्वरक कम्पनियों की बैठक

कोटा । जिले में किसानों को अब यूरिया खाद की उपलब्धता के लिए अव्यस्थाओं का सामना नहीं करना पडेगा। यूरिया उत्पादक कम्पनियों को प्रतिदिन वितरण की सूचना जिला प्रशासन को दी जायेगी। खाद वितरण पटवारी एवं कृषि विभाग के कार्मिकों की उपस्थिति में ही किया जायेगा।

जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल के निर्देश पर नोडल अधिकारी एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद बीएम बैरवा की अध्यक्षता में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं उर्वरक उत्पादक कम्पनियों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। जिसमें यूरिया खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए निर्णय लिये गये।

नोडल अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक उर्वरक उत्पादक कम्पनी यूरिया वितरण की सूचना प्रतिदिन प्रातः 7 बजे तक जिला प्रशासन, कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग को देंगे जिसमें विक्रेतावार सूची होगी। उन्होंने बताया कि सूची के अनुसार सम्बंधित उपखण्ड अधिकारी अपने प्रशासनिक नियंत्रण में कृषि विभाग एवं पटवारी की देखरेख में वितरण करवायेंगे। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी वितरण कार्य विक्रेताओं के गोदाम से जीएसएस, केवीएसएस, अटल सेवा केन्द्र, पंचायत भवन पर बिल कटने के उपरान्त ही किया जाएगा। सीईओ ने बताया कि कोटा शहर के भामाशाह मंडी क्षेत्र के विक्रेता अपने-अपने पॉस मशीन से बिल देकर किसान भवन, भामाशाह मंडी के अन्दर कृषि पर्यवेक्षक, पटवारी एवं सहकारिता विभाग के कर्मचारियों की देखरेख में वितरण करेंगे।

उन्होंने बताया कि किसी भी उर्वरक कम्पनी द्वारा यूरिया खाद रात्रि में न तो खाली कराया जाएगा एवं न ही बेचा जायेगा। विशेष परिस्थितियों में यदि ट्रक खाली करवाना आवश्यक है तो संबंधित उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार के ध्यान में लाकर खाली करवाया जायेगा। नोडल अधिकारी ने बताया कि खाद का वितरण कृषि पर्यवेक्षक व पटवारी की देखरेख में ही किया जायेगा।

किसान दस्तावेज साथ लायें

सीईओ जिला परिषद ने किसानों को सलाह दी है कि वे आधार कार्ड के साथ राजस्व दस्तावेज की प्रति भी साथ लावे। जिससे किसानों को खाद प्राप्त करने में असुविधा नहीं हो तथा कालाबाजारी से बचा जा सके। उन्होंने सभी खाद कम्पनियों के प्रतिनिधियों को पाबंद किया गया है कि वे अनिवार्य रूप से हॉलसेल डीलर को उपलब्ध करवाये गये खाद की उपलब्धता की सूचना नियमित रूप से उपलब्ध कराये। वर्तमान में जिले में सीएफसीएल द्वारा प्रत्येक दिन 500 से 600 मेट्रिक टन यूरिया उपलब्ध करवाया जा रहा है एवं कम्पनी के प्रतिनिधि को भी रेक लगवाने हेतु निर्देश दिये गये है।