16 साल की किशोरी बराबद और 75 हजार का खरीदार को पुलिस ने दबोचा

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रांची,08 जनवरी। झारखंड 15 नवम्बर,2000 में अस्थित्व में आया। आज भी नौकरी का सब्जबाग व शादी करने का झांसा देकर झारखंडी युवतियों का आर्थिक व शारीरिक शोषण जारी है। ब्रेकिंग खबर है कि सौतेली मां ने 16 वर्षीया किशोरी को दलाल के हवाले कर दी।

झारखंड में रहने वाले भोले-भाले आदिवासी लोग। ऎसे लोग भला क्या जाने आजादी के 72 साल का जश्न। परिवार की दो जून की रोटी जुगाड़ने की दिशा में मासूम लड़कियों को सौदा करने के लिये तैयार हो जाते हैं। गरीबी के दलदल में में फंसे गाँवघर के लोगों पर टकटकी नजर जमाकर तथाकथित दलाल रखता है,जिसका तार महानगरों के मानव तस्करी करने वालों से जुड़ा रहता है। इनके हरकतों से सामाजिक कार्यकर्ता बेहाल होने लगते हैं। इन्हीं में डॉ. रश्मि तिवारी भी हैं।उन्होंने अच्छी खासी नौकरी छोड़ दीं। मानव तस्करी के खिलाफ खड़ी हो उठी। महानगरों के दानव से आदिवासी बच्चों को बचाने निकल पड़ी नक्सल प्रभावित राज्य झारखंड में कार्य शुरू कर दिया।

इस सच्ची कहानी की पृष्ठभूमि बनाकर डीडी किसान चैनल में सलाम इंडिया धारावाहिक के तहत ‘ मानव तस्करी’ को तड़कादार प्रस्तुति पेश कर दिये निर्माता-निर्देशक लाल विजय शाहदेव।जो बहुत ही समकालीन और मार्मिक रहा। दर्शकों व पाठकों ने आँखों में उठा लिये। कलाकारों ने बखूबी कला के साथ न्याय किया। डॉ. रश्मि पाठक के रूप में अभिनय करने वाली श्रेया विक्टर।पश्चिम चंपारण में है बेतिया क्रिश्चियन क्वाटर्स। इस क्रिश्चियन क्वाटर्स में रहते हैं बिहार सरकार के ए.एस.आई .विक्टर लौरेंस माइकल। इनकी धर्मपत्नी हिल्डा विक्टर हैं। दोनों के सहयोग से 1लड़का 2 लड़की हैं। लड़का का नाम रोजर विक्टर हैं। लड़की शिखा विक्टर और ऎलिना विक्टर/ श्रेया विक्टर हैं. श्रेया 22 साल की है। बिहार स्कूल परीक्षा की परीक्षा मैट्रिक उर्त्तीण हैं। भीमराव अम्बेडकर कॉलेज में आई ए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। ऎलिना की बड़ी दीदी शिखा कहती हैं कि वह बेतिया से मुम्बई 28 अगस्त,2016 में गयीं। फैशन डिजाइन और मॉडलिंग करने लगीं।इसके बाद अनुपम खेर ऎक्टिंग प्रिपरेशन ट्रेनिंग सेंटर से ट्रेनिंग ली हैं।यहां पर फेस ऑफ बैच का अवार्ड जीती।स्कूल टाइम में डांस में इनाम मिली।कथक और भारतनाट्यम में महारत हासिल है। थोड़ा बहुत गीत गा लेती हैं।बेबी को गुलाबजामुन पंसद है।

आज भी नौकरी का सब्जबाग व शादी करने का झांसा देकर झारखंडी युवतियों का आर्थिक व शारीरिक शोषण जारी

किशोरी को बुलंदशहर के अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नौरंगाबाद से बरामद किया गया है। झारखंड से लाई गई किशोरी को अहमदगढ़ थाना पुलिस ने बरामद किया है। जिसे यहां बेचने के लायी गयी थी। किशोरी के साथ ही पुलिस ने मौके से किशोरी को लेकर आई महिला समेत उसके छह खरीदारों को भी दबोचा है।

सभी सात आरोपियों का चालान कर पुलिस ने किशोरी को अपने कब्जे में ले लिया है। एक महिला आरोपी की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार अहमदगढ़ थाने पर तैनात उपनिरीक्षक रामगोपाल शुक्रवार देर शाम को क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।

इस दौरान मुखबिर ने उन्हें सूचना दी कि क्षेत्र के गांव नौरंगाबाद में एक झारखंड निवासी महिला कलावती अपने साथ नाबालिग लड़की को लेकर गांव निवासी महिला सावित्री के घर ठहरी हुई है। वह उक्त किशोरी को बेचने के उद्देश्य से यहां लेकर आई है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने मुखबिर के बताए घर पर दबिश दी और एक महिला समेत सात आरोपियों को धर दबोचा। साथ ही मौके से एक 16 वर्षीय किशोरी को भी बरामद किया है। जिसकी शिनाख्त कलावती पत्नी तपेश्वरमा निवासी पिस्कानगरी नारो बस्ती, नगरी, रांची, के रूप में हुई।

इसके अलावा उसके खरीदार के रूप में पहुंचे पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त राजेश व धीरेंद्र निवासी मोहल्ला विवेक विहार थाना खुर्जा नगर, जितेंद्र पुत्र रामभूल सिंह, प्रकाश व इंद्र पुत्रगण मुमराज निवासीगण गांव गंगाहारी थाना औरंगाबाद व महेंद्र पुत्र रामप्रसाद निवासी गांव नौरंगाबाद थाना अहमदगढ़ के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल किशोरी पुलिस के पास ही है।

75 हजार में किया था सौदा

बताया गया कि आरोपी कलावती अपने गांव निवासी किशोरी को उसके मां-बाप को बिना बताए ही यहां बेचने के उद्देश्य से लेकर आई थी। यहां उसका सौदा 75 हजार रुपये में तय किया था। इस दौरान खरीदार पक्ष की ओर से 10 हजार रुपये भी दे दिए गए थे। पुलिस ने कलावती से दस हजार रुपये की रकम भी बरामद कर ली है।

आरोपी महिला व छह खरीददारों को दबोच लिया गया है। जिन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भी भेज दिया गया है। किशोरी को कब्जे में ले लिया गया है। आला अफसरों को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है।  इस बीच घनेंद्र यादव, थाना प्रभारी अहमदगढ़ ने कहा कि जल्द ही किशोरी के परिजनों को भी ढूंढ लिया जाएगा।