मुंबई मुंबई को मायानगरी मुंबई कहा जाता है, इसे सपनों का शहर भी कहते हैं हर किसी की तमन्ना होती है की उसका भी एक घर मुंबई में हो। हालांकि बुधवार को हुई बारिश (heavy rain in mumbai )में लोगों के सपने बारिश में तब टूट गए जब मुंबई की सड़कें तालाब बन गयी और बरसात के पानी (water logging in mumbai due to heavy rain) के साथ गटर नालों का पानी भी लोगों के घरों में बिना इजाजत घुस गया।

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मुंबई
मुंबई को मायानगरी मुंबई कहा जाता है, इसे सपनों का शहर भी कहते हैं हर किसी की तमन्ना होती है की उसका भी एक घर मुंबई में हो। हालांकि बुधवार को हुई बारिश (heavy rain in mumbai )में लोगों के सपने बारिश में तब टूट गए जब मुंबई की सड़कें तालाब बन गयी और बरसात के पानी (water logging in mumbai due to heavy rain) के साथ गटर नालों का पानी भी लोगों के घरों में बिना इजाजत घुस गया। घर तो घर सरकारी कार्यालयों, पुलिस स्टेशन सब जगह पानी ही पानी। लोकल ट्रेन सेवाएं बंद करनी पड़ी। इतना सब कुछ होने के बाद भी बीएमसी ने अपनी कमियों को स्वीकार नहीं किया शायद इसलिए भी क्योंकि मुंबई की जनता को इन सारी परेशानियों की आदत हो चुकी है। देश की सबसे अमीर महानगपालिका जिसका हज़ारों करोड़ का बजट है फिर भी वह मुंबई को डूबने से बचा नहीं पाती है। तो आइए आपको बताते है की हज़ारों करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी क्यों डूबती है मुंबई?
बीजेपी ने कहा भ्रष्टाचार में डूबी शिवसेना
बीएमसी में बीजेपी के नेता विनोद मिश्रा ने एनबीटी ऑनलाइन को बताया,’ बीएमसी दावे पूरी तरह से खोखले साबित हुए हैं, बड़े पैमाने पर नाला सफाई में भ्रष्टाचार हुआ है। सत्तापक्ष कहता है की 113 प्रतिशत नालों की सफाई हुई है फिर मुंबई क्यों डूबी? पम्पिंग स्टेशन का मिस मैनेजमेंट भी एक बड़ी वजह है साथ में ड्रेनेज सिम्टम को अभी तक चौड़ा नहीं किया गया है।

अंग्रेजों के जमाने का ड्रेनेज सिस्टम
26 जुलाई 2005 की बारिश और फिर बाढ़ आज भी मुंबईकरों के जहन में ताजा है। उस खौफ़नाक मंजर को याद करके आज भी लोग सिहर जाते हैं लेकिन 15 सालों बाद भी राज्य सरकार ने या फिर बीएमसी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है जिससे बारिश के पानी से डूबती मुंबई को बचाया जा सके। मुंबई के हर साल डूबने के पीछे एक सबसे बड़ी वजह है पुराना ड्रेनेज सिस्टम। बीएमसी ने अंग्रेजों के ज़माने की ड्रेनेज सिस्टम को अभी तक नहीं पूरी तरह से सुधारा जबकि देश को आज़ाद हुए सत्तर साल से ज्यादा हो चुके हैं।
ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्तीकरण परियोजना अभी तक अधूरी
मुंबई को जलजामव से निजात दिलाने के लिए बीएमसी ने साल 2005 की बाढ़ के बाद ब्रिमस्टोवाद (BRIMSTOWAD) नाम की परियोजना लाई। जिसके तहत शहर की मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम को चौड़ा किया जायेगा और नए पम्पिंग स्टेशन बनाए जायेंगे ताकि जलनिकासी तेजी से हो सके लेकिन अभी तक दो जगह माहुल और मोगरा के पम्पिंग स्टेशन के लिए जगह ही नहीं मिल पायी है।

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