25 सितंबर से होगी मंडियों में खरीफ फसलों की खरीद, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश

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हरियाणा; सिरसा, 13 सितंबर।
उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि 25 सितंबर से जिला की मंडियों में खरीफ फसलों की खरीद की जाएगी, इसके लिए अधिकारी समय रहते सभी तैयारियां समय पर पूरी करवाना सुनिश्चित करें। किसानों को मंडी में फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और मंडी में फसल खरीद संबंधी सभी व्यवस्थाएं पुख्ता की जाएं। सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र की अनाज मंडियों में फसल खरीद प्रबंधन का कार्य व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेंगे। फसल खरीद प्रबंधन से संबंधी किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए अधिकारी इस दिशा में गंभीरता से कार्य करें।
उपायुक्त सोमवार को फसल खरीद प्रबंधन बारे संबंधित अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने फसल खरीद के मैसेज से लेकर गेट पास तक आदि के लिए की जाने वाली तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम सिरसा जयवीर यादव, एसडीएम डबवाली/ऐलनाबाद राजेश कुमार, एसडीएम कालांवाली उदय सिंह, डीएफएससी सुरेंद्र सैनी, डीएमईओ चरण सिंह, सचिव मार्केट कमेटी सिरसा विकास सेतिया, सचिव मार्केट कमेटी ऐलनाबाद से दीपक, सचिव मार्केट कमेटी रानियां से राम गोपाल, सचिव मार्केट कमेटी डबवाली से वीरेंद्र मेहता, सचिव मार्केट कमेटी कालांवाली से मेजर सिंह मोजूद थे।
उपायुक्त ने कहा कि मंडियों में फसल खरीद के दौरान इस प्रकार की व्यवस्था हो कि मंडियों में आने वाली फसल के रखरखाव में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। इसी प्रकार स्वच्छ पेयजल व साफ-सफाई भी दुरुस्त हो, जिससे किसानों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि मंडियों में साफ सफाई की व्यवस्था के साथ-साथ बिजली-पानी का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा बरसाती मौसम के मद्देनजर तिरपाल की व्यवस्था व शेड आदि की जांच करें। अधिकारी व्यक्तिगत रूप से मंडियों का निरीक्षण करें और कहीं पर जलभराव की संभावना है तो उसे तुरंत दुरुस्त करवाएं। इसके साथ-साथ बरसाती पानी की जल्द निकासी के लिए मोटर पंप आदि जरूरी उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि किसानों को गेट पास मिलने में किसी प्रकार की परेशानी न आए, इसके लिए समुचित मात्रा में कम्प्यूटर व ऑपरेटर की व्यवस्था करवाएं। उन्होंने कहा कि श्रम ढुलाई एवं परिवहन, लोडिंग आदि का उचित प्रबंध हो। बारदाना, भंडारण की व्यवस्था, नियमित बोली, उठान की व्यवस्था की जाए।