कोटा। केन्द्र सरकार की किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना (केवीपीवाय) के तीनों वर्गों में रेजोनेंस के 424 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है।

यह जानकारी रेजोनेंस के संस्थापक और प्रबंध निदेशक श्री आर.के. वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि रेजोनेंस के सफल हुए 424 विद्यार्थियों में 187 नियमित क्लासरूम कोचिंग से और 237 दूरस्थ षिक्षा (डीएलपीडी व ईएलपीडी) से हैं।

श्री आर.के. वर्मा ने बताया कि रेजोनेंस के सफल विद्यार्थियों में एसएक्स वर्ग (कक्षा 12 विज्ञान के सभी विद्यार्थी) के 219, एसए वर्ग (कक्षा 11 विज्ञान गणित के विद्यार्थी) के 202 और एसबी वर्ग के तीन विद्यार्थी षामिल हैं। नियमित क्लासरूम कोचिंग लेकर सफल रहे रेजोनेंस के 187 विद्यार्थियों में कोटा अध्ययन केन्द्र से 107, कर्नाटक में स्थित बेस अध्ययन केन्द्रों से 39, उदयपुर से 12, नागपुर से 6, जोधपुर से 5, अहमदाबाद, कोलकाता व सूरत से 3-3, भुवनेष्वर व रायपुर से 2-2 एवं आगरा, लखनऊ, मुम्बई, जयपुर और राँची अध्ययन केन्द्रों से एक-एक विद्यार्थी षामिल हंै।

साथ ही केवीपीवाय प्रथम चरण के परीणामों में जवाहर नवोदय विद्यालय बून्दी के छात्रों ने भी षानदार प्रदर्षन किया है। जे.एन.वी. बून्दी के कुल 14 विद्यार्थी द्वितीय चरण के लिए चयनित हुए है।

रेजोनेंस के संस्थापक श्री वर्मा ने बताया कि केवीपीवाय परीक्षा में कक्षा 11 और कक्षा 12 में पढ़ रहे विद्यार्थी भाग लेते हैं। परीक्षा में भाग लेने के लिए दसवीं की बोर्ड परीक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व दिव्यांग वर्ग के विद्यार्थियों को 65 प्रतिषत अंक लाना अनिवार्य होता है।

रेजोनेंस के प्रबंध निदेषक ने बताया कि केवीपीवाय प्रतियोगिता में इस लिखित परीक्षा के बाद उसमें सफल रहने वाले विद्यार्थियों का साक्षात्कार लिया जाता है। साक्षात्कार में चयनित विद्यार्थियों की विज्ञान, इंजीनियरिंग और चिकित्सा क्षेत्रों में अनुसंधान के प्रति रूचि जाग्रत करने और उन्हे प्रोत्साहित करने के लिए मासिक छात्रवृति और वार्शिक अनुदान प्रदान किया जाता है।