अखिलेश यादव ने मैनपुरी में पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए डिम्पल यादव के लिए मांगे वोट

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अखिलेश यादव ने आज मैनपुरी समाजवादी पार्टी कार्यालय में ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन‘ को सम्बोधित किया और मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी डिम्पल यादव को विजयी बनाने के लिए व्यापक प्रचार एवं सघन जनसम्पर्क भी किया। उन्होंने आज सुमन दिवाकर, संजय गम्भीर, बीनू बंसल, लालू वर्मा, सुजीत शर्मा, अशोक चौहान, रजनीश मिश्र, आर.डी. निगम, उपेन्द्र सविता समेत अन्य कई लोगों के घर जाकर डिम्पल यादव को जिताने की अपील की।

अखिलेश यादव ने पूर्व सैनिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ा रही है। उन्होंने ‘अग्निवीर योजना‘ की आलोचना करते हुए कहा कि जो देश की सेवा करना चाहता है वो कभी अग्निवीर नहीं बनना चाहेगा। फर्रुखाबाद में सेना भर्ती का आयोजन हुआ लेकिन नौकरी किसी को नहीं मिली। सरकार कह रही है कि इन योजनाओं से बजट बचा रही है, लेकिन जब देश ही नहीं बचेगा तो बजट कैसे बचेगा। मैनपुरी की जनता ने नेताजी को बहुत सम्मान दिया है।

उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों से कहा कि अगर आप लोग अपने बूथ को मजबूत कर देंगे, तो इस चुनाव में हमारी सबसे बड़ी जीत होगी। आपके लोग हर जगह हैं। भूतपूर्व सैनिकों की बात पर जनता भरोसा करती है। सबसे ज्यादा रिटायर्ड फौजी मैनपुरी, एटा, इटावा में है। उन्होंने कहा कि भाजपा साजिश कर सकती है। समाजवादी पार्टी पूरी मेहनत कर रही है। पूर्व सैनिक भी साथ दे देंगे तो हमें जीतने से कोई रोक नहीं सकता।

उन्होंने नेताजी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी फैसले का मन बनाया तो उन्हें कोई रोक नहीं पाया। नेताजी जब रक्षा मंत्री थे तो सियाचिन में गए, बताया गया कि वहां बहुत ठंड होती है, आप धोती कुर्ते में नहीं जा सकते, लेकिन किसी की परवाह किए बिना वे धोती कुर्ते में ही गए। नेताजी रूस भी धोती कुर्ते में गए थे। रूस के राष्ट्रपति ने भी प्रोटोकॉल तोड़ कर नेताजी का स्वागत किया था। नेताजी ने कभी अपनी जमीन नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि नेताजी के कारण ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जल्दी बन पाया। 26 नवंबर, 2016 को सुखोई और मिराज उतारकर उद्घाटन किया गया। हमने समाजवादी सरकार में एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर किसानों की सुविधा के लिए मंडियां स्थापित की थी। भाजपा ने उसे बर्बाद कर दिया।

इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कवि एवं पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नेताजी ने ही शहीद जवानों का पार्थिव शरीर उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था कर सम्मान दिलाया। पहले तो सिर्फ टोपी और बेल्ट भेजी जाती थी। नेताजी किसानों के नेता थे और वे कहते थे कि किसान का बेटा ही फौज में जाता है। जब वे रक्षामंत्री थे तो तब हमारी सेना ने चीन को खदेड़ने का काम किया था। नेताजी ने हमेशा जवानों का मनोबल बढ़ाने का काम किया। श्री उदय प्रताप सिंह जी ने इस अवसर पर देश और नेताजी के विचारों पर कविताएं भी सुनाई।

अखिलेश यादव की पृष्ठभूमि स्वयं सेना की रही है। वे धौलपुर के सैनिक स्कूल के छात्र रहे हैं। सैनिक परिवार से उनका निकट सम्बंध रहा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी संगठन में भी ‘समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ‘ बनाया था जिसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक संगठन से जुड़े है। समाजवादी सरकार में सैनिक स्कूलों की स्थापना भी हुई थी।

सैनिक सम्मेलन में पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल शरद शरण, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समाजवादी सैनिक प्रकोष्ठ कर्नल सतबीर सिंह यादव, पूर्व डीआईजी रामतीरथ परमहंस, कर्नल अनिल वर्मा, मेजर सुरेश यादव, इंजीनियर मनोज यादव, मेजर आशीष आदि सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहें।

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