Bhopal, मध्यप्रदेश में को-वैक्सीन के तीसरे फेज की ट्रायल आज पीपुल्स अस्पताल भोपाल में शुरू हो गई है

0
57

Bhopal, मध्यप्रदेश में को-वैक्सीन के तीसरे फेज की ट्रायल आज पीपुल्स अस्पताल भोपाल में शुरू हो गई है। भोपाल के पटेल नगर में रहने वाले एक टीचर को पहली वैक्सीन दोपहर पौने तीन बजे लगाई गई। जिन्हें वैक्सीन लगी है, उन्होंने सबसे पहले दैनिक भास्कर से बातचीत भी की। उन्होंने बताया कि भास्कर में पढ़कर ही टीका लगवाने के बारे में जानकारी मिली थी। मेरे इस कदम से लाखों लोगों का भला होगा, इसलिए मैं टीका लगवाने आया हूं। वैक्सीन लगने से पहले वॉलेंटियर शिक्षक का RTPCR टेस्ट किया गया। उसके बाद डोज दिया गया। उसके बाद नर्स ने पूछा- कोई तकलीफ तो नहीं। डोज लगवाने वाले ने कहा- कोई परेशानी नहीं हो रही है। दोपहर करीब सवा तीन बजे तक 18 लोग वॉलेंटियर अस्पताल पहुंच चुके थे। इनमें किसान, कारोबारी और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
भोपाल के बड़े कारोबारी दंपति भी टीका लगवाने पहुंचे हैं। पहले दिन 100 लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन करीब 50 लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। वॉलेंटियर्स के पहुंचने का सिलसिला जारी है। बागसेवनिया, कल्पना नगर, भवानी नगर, चूना भट्टी, होशंगाबाद रोड, सबरी नगर खेड़ी खेड़ी भानपुर से लोग पहुंचे हैं।
पीपुल्स अस्पताल में वैक्सीन ट्रायल के लिए तैयारियां।
हर वॉलेंटियर को वैक्सीन लगाने के साथ ही 750 रुपए भी दिए जाएंगे। हर हफ्ते उनकी हेल्थ पर नजर रखी जाएगी। कोई गर्भवती महिला वॉलेंटियर आती है तो उसे वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं, तो पुरुष को भी टीका नहीं लगेगा। कुल एक हजार डोज मिले हैं। पहले डोज के बाद 28 दिन बाद दूसरा डोज दिया जाएगा।
किसी भी हेल्थ वर्कर्स को वॉलेंटियर नहीं बनाने की जानकारी भी मिली है। पीपुल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर राजेश कपूर ने बताया हम पूरी तरह तैयार हैं। यह भोपाल के लिए सौभाग्य की बात है। अब तक 10 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इनमें एक महिला भी शामिल है।
को-वैक्सीन के ट्रायल के लिए पीपुल्स अस्पताल में अलग से वैक्सीनेशन रूम बनाया गया है।
पहली बार मिला मौका
कोरोना के खिलाफ दुनियाभर में ट्रायल चल रहे हैं। यह पहला मौका है, जब भोपाल को तीसरे फेज की ट्रायल के लिए चुना गया है। यहां के गांधी मेडिकल कॉलेज में भी ट्रायल की तैयारी कर ली गई है, लेकिन अभी वहां डोज नहीं आए हैं।(UNA)