Bhopal सतना जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सिंहपुर थाने के अंदर पुलिस अभिरक्षा में चोरी की घटना के 45 वर्षीय संदिग्ध आरोपी की रविवार देर रात को कथित रूप से गोली लगने से मौत हो गई।

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Bhopal सतना जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सिंहपुर थाने के अंदर पुलिस अभिरक्षा में चोरी की घटना के 45 वर्षीय संदिग्ध आरोपी की रविवार देर रात को कथित रूप से गोली लगने से मौत हो गई।

मृतक के परिजन का आरोप है कि पुलिस चोरी के आरोप में पूछताछ के लिए नारायणपुर गांव के निवासी राजपति कुशवाहा को थाने लाई थी लेकिन थाने के अंदर थाना प्रभारी ने नशे की हालत में उसे अपनी सर्विस रिवाल्वर से गोली मार दी, जबकि पुलिस का कहना है कि उसने टेबल में रखे रिवाल्वर को खुद छीन लिया और जल्दबाजी में फायर हो जाने से उसकी मौत हुई है।

कुशवाहा की मौत से आक्रोशित होकर उसके परिजनों और नारायणपुर गांव के लोगों ने सोमवार सुबह सिंहपुर थाने का घेराव किया।

इस दौरान, कई घंटे तक पुलिस से तनातनी होने के बाद आक्रोशित भीड़ ने पथराव कर दिया, जिससे उपद्रव कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले छोड़े और बाद में हल्का लाठीचार्ज किया।

इस मामले में सिंहपुर थाना प्रभारी विक्रम पाठक और आरक्षक मनीष को निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सतना में गोली चलने और पुलिसिया कार्रवाई की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश देने के साथ-साथ सतना के पुलिस अधीक्षक को हटाने के भी निर्देश दिए हैं।

उन्होंने घटना में पीड़ित के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं।

सतना जिले के पुलिस अधीक्षक रियाज इकबाल ने बताया, “कल रात को चोरी के संदेह में पूछताछ के लिए एक आरोपी को बुलाया गया था। थाना प्रभारी एवं उसके साथ में जो आरक्षक थे वह उससे पूछताछ कर रहे थे। उस समय थाना प्रभारी की सर्विस रिवाल्वर टेबल पर रखी हुई थी, जिसे आरोपी ने छीन लिया और जल्दबाजी में गोली चल गई। गोली आरोपी के सिर पर लगी थी और पुलिस ने अपने वाहन में उसे सतना के बिरला अस्पताल में पहुंचा दिया था और वहां के सर्जन को भी बुलाया गया था।”

उन्होंने कहा कि नाजुक स्थिति होने के कारण चिकित्सक ने उसे न्यूरो सर्जरी के लिए रीवा के लिए रेफर कर दिया, जहां मेडिकल कॉलेज में उसकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने कहा कि पुलिस की अभिरक्षा में मृत्यु होने के कारण पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच की जा रही है।

इकबाल ने बताया कि किसके हाथ से गोली चली, इसका पता लगाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी नशे में थे तो उसका भी मेडिकल करा दिया गया है।

अधीक्षक ने बताया, “थाना प्रभारी विक्रम पाठक एवं आरक्षक मनीष को निलंबित कर दिया गया है।”

उन्होंने कहा कि मृतक के खिलाफ दो महीने पहले एक चोरी का मामला दर्ज हुआ था, उसमें वह संदेही था। इसलिए उसे पूछताछ के लिए एक आरक्षक रविवार शाम को थाने लेकर आया था।

इकबाल ने बताया, “सोमवार सुबह करीब 200-300 लोगों की भीड़ थाने के सामने इकट्ठा हुई थी। पुलिस बल भी यहां पर भारी मात्रा में मौजूद था। भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व थे जिन्होंने पथराव किया, तो पुलिस को उनको तितर-बितर करने के लिए थोड़ा बल का प्रयोग करना पड़ा। अभी स्थिति शांतिपूर्ण है।”

जब उनसे सवाल किया गया कि क्या कोई पुलिसकर्मी इस पथराव में घायल भी हुआ है, तो इस पर उन्होंने कहा, “ऐसी कोई खास चोट तो किसी को नहीं लगी है।”

वहीं, मृतक के भतीजे ओमकार कुशवाह ने आरोप लगाया, “चोरी के आरोप में पुलिस पूछताछ के लिए राजपति कुशवाहा को थाने लाई थी। लेकिन थाने के अंदर थाना प्रभारी ने नशे की हालत में उसे अपनी सर्विस रिवाल्वर से गोली मार दी। इससे पीड़ित परिवार बेहद आक्रोशित है और न्याय की मांग कर रहा है।”