भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट बैठक के बाद भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस पीसी में वो कांग्रेस पर जमकर बरसे। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि मतदान के दिन से ही कांग्रेस गलत बयानबाजी कर रही है

हार के डर से बौखलाकर ईवीएम में गडबड़ी का अभियान चला रही है।इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, कांग्रेस हार से घबरा रही है। इसलिए इसका ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने की तैयारी कर रही है। मतदान के दिन तीन बजे ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चुनाव आयोग को चिठ्ठी लिख दी थी और ईवीएम में छेड़छाड़ की शिकायत शुरू कर दी थी। कांग्रेस की नजर में पुलिस, अफसर और चुनाव आयोग, सब बईमान हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग संवैधानिक संंस्था है। ऐसे में कांग्रेस आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि, “चुनाव आयोग ने तो उलटे भाजपा के खिलाफ सख्ती की। इसके लिए उन्होंने मतदान से एक दिन पहले हुई एक घटना का जिक्र किया कि कैसे चुनाव आयोग ने आचार संहिता का हवाला देकर उन्हें अपने एक कार्यकर्ता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी।

सीएम शिवराज सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि, कांग्रेस चुनाव को मजाक बनाने की कोशिश कर रही है। वो बार-बार ईवीएम में छेड़छाड़ की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि, ईवीएम में छेड़छाड़ करना कोई गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं है, जो इतनी आसानी से हो जाए। इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश में एक बार फिर भाजपा सरकार बनने का दावा जताया। वहीं उन्होंने कैबिनेट बैठक को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी पलटवार करते हुए कहा कि, हम अपनी कर्तव्यों को पूरा करने के लिए चुनाव नतीजों का इंतजार नहीं करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रशासन को दबाव में लाने का प्रयास कर रहे हैं। हमने कर्तव्यों की पूर्ति की है और लगातार करते रहेंगे। अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने के लिए चुनाव परिणाम का इंतज़ार करें, इतने स्वार्थी हम नहीं हो सकते।