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भभुंआ पहले दिन 132 कर्मियों ने डाला वोट, सुरक्षा चौकस

आम मतदाताओं को शतप्रतिशत वोट देने के लिए जागरुकता अभियान चला रहे मतदान कर्मी खुद वोट देने के प्रति संवेदशील नहीं दिखे। हालांकि सूत्र बताते हैं कि अभी आगे भी मतदान होगा, इसलिए चुनाव के कार्य में व्यस्त रहने के कारण प्रथम दिन कम सरकारी कर्मी वोट देने गए थे। लोकसभा चुनाव में प्रतिनियुक्त किए गए कर्मियों का सोमवार से शहर के टाउन हाई स्कूल में वोटिंग शुरु हुई है। पहले दिन मात्र 132 कर्मियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

निर्वाचन विभाग द्वारा विधानसभावार मतदान केन्द्र स्थापित किया गया था। सुबह में कर्मियों को बूथ पर पहुंचकर कतारवद्ध होकर वोट देते देखा गया। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती गई कर्मियों का आना कम होते गया। पोस्टल बैलेट कोषांग के वरीय पदाधिकारी अमरेश कुमार अमर बूथ पर कैंप कर रहे थे। बारी-बारी से सभी विधानसभा के बूथों पर पहुंचकर वे मतदान प्रक्रिया का जायजा लेते देखे गए। डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी व सामान्य प्रेक्षक संजय कुमार ने भी शाम को करीब चार बजे टाउन हाई स्कूल में पहुंचकर मतदान प्रक्रिया का जायजा लिया।

इसके बाद डीएम व प्रेक्षक स्कूल भवन में चल रहे कर्मियों की ट्रेनिंग का निरीक्षण भी किया। मतदान के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर बूथ पर दंडाधिकारी, पुलिस अफसर एवं जवानों की तैनाती की गई थी। बूथों पर पेयजल एवं प्रकाश की भी समुचित व्यवस्था देखने को मिला। कर्मियों को धूप से बचने के लिए चारों विधानसभा के बूथों पर टेंट भी लगाए गए थे।

सबसे कम रामगढ़ के कर्मियों ने किया है मतदान

भभुआ। शहर के टाउन हाई स्कूल में चल रही मतदान प्रक्रिया के दौरान सबसे कम रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनियुक्त कर्मियों ने वोट डाला। पोस्टल बैलेट कोषांग के वरीय पदाधिकारी अमरेश कुमार अमर ने बताया कि 13 मई तक कर्मी वोट डालेंगे। पहले दिन चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में 24, भभुआ में 62, मोहिनयां में 36 एवं सबसे कम रामगढ़ विधानसभा में मात्र दस कर्मियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने यह बताया कि रविवार तक भभुआ विधानसभा के 1290, मोहनियां के 677, चैनपुर के 880 एवं रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चुनाव ड्यूटी में प्रतिनियुक्त 700 कर्मियों ने वोट देने के लिए प्रपत्र 12 भर कर जमा किया है।

बुथों पर भेजने के लिए पैकेट तैयार कर रहे कर्मी

भभुआ। लोकसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है। कैमूर के 1206 बूथों पर भेजने के लिए कर्मियों द्वारा चुनाव समाग्री का पैकेट तैयार किया जा रहा है। पैकेट में पेन, मुहर, लाह व अन्य दस्तावेज भरा जा रहा है। सोमवार को जिले के वरीय अफसरों ने कलेक्ट्रेट की तीसरी मंजिल पर जिला पंचायती राज कार्यालय के बगल वाले कमरे में तैयार किए जा रहे पैकेट व समाग्री की जांच की गई। अफसरों ने उक्त कार्य में लगे कर्मियों से कहा कि पैकेट में कोई भी समाग्री नहीं छूटनी चाहिए। अगर समाग्री छूट गई तो बूथों पर मतदान कर्मियों को चुनाव कराने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

सासाराम लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का होगा सफाया: सुशील मोदी

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होगा और नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। अमेठी से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हारेंगे और स्मृति इरानी भारी बहुमतों से जीत दर्ज करेंगी। वह सोमवार को सासाराम संसदीय क्षेत्र के हाटा, मोहनियां व शहर के बाल विकास मैदान में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने लालू-राबड़ी का बिना नाम लिए कहा कि पति-पत्नी ने मिलकर बिहार में 15 साल तक शासन किया। इस दौरान गलत काम करके अकूत संपत्ति अर्जित की। आज वह सलाखों के पीछे हैं। आपने नरेंद्र मोदी के पांच साल व नीतीश कुमार के 13 साल के शासनकाल को भी देखा है। विकास गली-गली में दिख रहा है। मोदी ने कहा कि इस बार देश के मतदाताओं ने तय कर लिया है कि पिछली बार के चुनाव से ज्यादा सांसद जिताकर संसद में भेजेंगे।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को देश के लिए 18 घंटे लगातार काम करने का रिकार्ड बनाया और कहा कि अपने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री काल में एक दिन भी सरकारी छुट्टी नहीं ली। पुलवामा का जवाब देने और अभिनंदन की वापसी ने देशवासियों के सीने का चौड़ा किया है। मोदी ने कहा कि लालटेन को ग्रामीणों ने फेंक दिया है। अब वह बिजली युग में प्रवेश कर चुके हैं।उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने दावा किया है कि 2014 में नरेन्द्र मोदी की आंधी थी तो 2019 में उनकी सुनामी चल रही है। तब देश की जनता नरेन्द्र मोदी को 12 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जानती थी। अब पांच वर्षों तक देश के लिए बेहतरीन काम करने वाले वाले प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें जानती है। यह भी दावा किया कि आज देश के 100 में से 70 लोगों की पहली पसंद नरेन्द्र मोदी ही हैं। सोमवार को जारी बयान में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले देश के छह राज्यों में भाजपा की सरकार थी, जबकि 2019 में 16 राज्यों के साथ केन्द्र में भी सरकार है।

मधुबनी मजबूत लोकतंत्र बनाने की लालसा लेकर युवाओं ने जमकर बरसाए वोट

मधुबनी लोकसभा का चुनाव कई मायनों में बेहतर रहा। मतदाताओं ने लोकतंत्र के महान पर्व में जमकर वोट बरसाए। खासकर युवाओं का जोश-जज्बा देखते ही बन रहा था। इस बार चुनाव में हजारों युवा वोटरों के नाम जुड़े। सोमवार को युवा वोटरों का उत्साह चरम पर दिखा। युवाओं की टोली मतदान केन्द्र पर जाने से पूर्व सभी तरह की जानकारी जुटा रहे थे ताकि उनका वोट बेकार न हो। मधुबनी लोकसभा क्षेत्र में 1837 मतदान केन्द्र बने थे। हर केन्द्र पर बड़ी संख्या में युवा वोटरों के नाम पहलीबार जुड़े। इस वर्ष चुनाव में हमारा लोकतंत्र बेहद खूबसूरती में दिखा। सुबह करीब सात बजे हैं। रहिका के कनैल, नाजिरपुर, बहरवन, सेराम आदि मतदान केन्द्रों पर युवा वोटरों की लंबी कतारें लग गई। सभी हाथ में पर्ची लिए अपनी बारी के इंतजार में थे। कनैल बूथ पर पहली बार अपना मतदान करने आएं युवा वोटर सजल कुमार, पुष्कर रंजन, बमबम कुमार आदि ने बताया कि पहलीबार मतदान करने का मजा ही कुछ अलग है। तीन दिन पहले ही पर्ची लेकर रख लिए थे। सुबह मॉक पोल के बाद से ही कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। पहली बार वोट करने पहुंची अर्चना ने कहा कतार में खड़ी होकर वोट डालेंगी। सेराम गांव के राज मिस्त्री रामसुखित मंडल व राम कुमार मंडल ने बताया कि सुबह सात बजे ही वोट डालने पहुंचे। कहा पहले अपना वोट डाल लूं तब अपने काम पर जाऊंगा। युवा वोट डालने के बाद दिनभर सेल्फी खींच गु्रपों पर वायरल करते रहे।

मधुबनी तेज धूप के बीच भी दिखा उत्साह56 प्रतिशत हुआ मतदान

शांति व अमन के बीच सोमवार को मधुबनी लोकसभा क्षेत्र में करीब 56 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। महिला मतदाताओं ने पुरुषों की तुलना में अधिक वोट की।

मतदान के बाद जिला पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक एवं पुलिस अधीक्षक डॉ सत्य प्रकाश ने मीडिया को बताया कि कड़ी धूप के बाबजूद लोग घर से बाहर निकले। 1837 मतदान केन्द्रों पर नौ लाख 44 हजार 460 से अधिक मतदाताओं ने वोट डाले। 57 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने मतदान में हिस्सा लिया। जबकी करीब 54 प्रतिशत पुरुष मतदातओं ने मतदान में हिस्सा लिया। डीएम एसपी ने बताया कि मतदान के दौरान कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। शांति भंग करने की कोशिश करने के आरोप में बिस्फी में तीन एवं रहिका में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

हरलाखी विधानसभा में सबसे अधिक हुआ मतदान : डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि सबसे अधिक हरलाखी विधानसभा में 58 प्रतिशत, मधुबनी में 57:25 प्रतिशत, जाले में 55 प्रतिशत, केवटी में 54:05 प्रतिशत, बेनीपट्टी में 55 प्रतिशत एवं बिस्फी में 54 प्रतिशत मतदान हुआ है।