Bihar Election 2020: एनडीए (NDA) में सीट शेयरिंग (seat sharing) पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है

2
235

पटना, Bihar Election 2020: एनडीए (NDA) में सीट शेयरिंग (seat sharing) पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोजपा (LJP)  के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) को एनडीए में सीट बंटवारे का प्रस्‍ताव स्‍वीकार नहीं है। बार-बार लोजपा के 143 सीटों पर लड़ने की तैयारी की खबर आ रही है। वह  मुख्‍यमंत्री नीतीश  कुमार (CM Nitish Kumar)  के  काम  पर भी सवाल उठाते रहे हैं। इस बीच अब सोशल मीडिया पर जारी लोजपा के एक नए पोस्‍टर पर बिहार का सियासी पारा चढ़ गया है। पोस्‍टर में बोल्‍ड अक्षरों (bold letters)  में कहा गया है कि ‘मोदी से कोई बैर नहीं है, नीतीश तेरी खैर नहीं’ ।   पोस्‍टर में चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi)  के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं सीएम नीतीश  कुमार को सत्‍ता की कुर्सी के सपने में निराश दिखाया गया है। नीतीश के बैकग्राउंड में कोविड-19 के दौरान दूसरे राज्‍यों वे पैदल लौट रहे प्रवासी श्रमिकों की व्‍यथा और दयनीय स्थिति दर्शाइ गई है। वहीं चिराग और पीएम नरेंद्र मोदी के बैकग्राउंड में बिहार हो रहे विकास को दर्शाया गया है। इसमें चिराग के बिहार फर्स्‍ट के नारे को भी बोल्‍डली दर्शाया गया है। पोस्‍टर पर यूजर्स के जमकर लाइक और कमेंट्स आ रहे हैं।
बता दें कि चिराग पासवान पीएम मोदी के फेस पर बिहार विधान सभा चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। उधर, समय-समय पर लोजपा के कार्यकर्ता चिराग को सीएम कैंडिडेट बनाने की भावना दर्शाते रहे हैं।
नीतीश के सात निश्‍चय योजना पर भ्रष्‍टाचार का आरोप
बता दें कि सीटों पर संग्राम के बीच लोजपा ने शुक्रवार को नीतीश कुमार के सात निश्चय को भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम भी बता दिया। लोजपा के प्रवक्‍ता अशरफ अंसारी ने यह भी कह दिया कि उन्‍हें सात निश्‍चय भ्रष्टाचार का पिटारा है। सात निश्‍चय के सभी कार्य अधूरे रह गए हैं। भुगतान भी नहीं हुआ है। बिहार में अगली सरकार लोजपा के  बिहार फर्स्‍ट, बिहारी फर्स्‍ट विजन डॉक्‍यूमेंट को लागू करेगी। वहीं जदयू के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने सीट शेयरिंग के मसले पर यह कहा कि एनडीए में आॅल इज वेल। एक-दो दिनों में सीटों का एलान हो जाएगा।(UNA)

2 COMMENTS

  1. Thank you for the auspicious writeup. It if truth be told was once a amusement account it. Glance complicated to more delivered agreeable from you! However, how can we keep up a correspondence?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here