BIHAR

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मधुबनी लोकसभा क्षेत्र में 6 मई को होने वाले मतदान में 1837 बूथों पर 17 लाख 91 हजार 166 वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसको लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। रविवार को मतदान पदाधिकारी ईवीएम व वीवीपैट लेकर बूथों की ओर रवाना हुए। मधुबनी लोकसभा के लिए जिले के बेनीपट्टी, हरलाखी, बिस्फी व मधुबनी विधानसभा क्षेत्र में 1240 बूथों पर 12 लाख 10 हजार 287 वोटर वोट डालेंगे। वहीं दरभंगा जिले के केवटी व जाले विधानसभा क्षेत्र में 597 बूथ बनाए गए हैं। वहां 5 लाख 80 हजार 897 वोटर वोट डालेंगे।

शहर के शिवगंगा हाई स्कूल बूथ नंबर 48 को महिलाओं के लिए व उसी स्कूल के बूथ नम्बर 49 को दिव्यागों के लिए स्पेशल बूथ बनाया गया है। चुनाव में सीपीएफ के 22 व बीएमपी के 17 कंपनी को लगाया जा रहा है। जिला पुलिस बल के 5 हजार जवान व होमगार्ड के दो हजार जवान को भी चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है।
चुनाव को लेकर भारत नेपाल की सीमा को सील कर दिया गया है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक व एसपी डॉ सत्य प्रकाश ने बताया कि सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। बूथों पर कर्मी पहुचने लगे हैं।

पटना-रूड़ी, पारस, शकील सहित 82 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज

बिहार में पांचवें चरण की पांच संसदीय सीटों – सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर के लिए सोमवार को वोटिंग हो रही है। यह मतदान कई प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत का भी फैसला करेगा। इनमें सारण से भाजपा के राजीव प्रताप रुड़ी व राजद के चंद्रिका राय, सीतामढ़ी में राजद के अर्जुन राय व जदयू के सुनील कुमार पिंटू, मधुबनी में भाजपा के अशोक कुमार यादव, कांग्रेस के बागी उम्मीदवार डॉ. शकील अहमद, विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के बद्री कुमार पूर्वे, हाजीपुर में राजद के शिवचंद्र राम व लोजपा के पशुपति कुमार पारस, मुजफ्फरपुर में भाजपा के अजय निषाद एवं वीआईपी के राजभूषण चौधरी हैं। इनके साथ ही इस चरण की इन पांच सीटों के लिए कुल 82 उम्मीदवार मैदान में हैं।

पांचवें चरण के चुनाव में कुल 87 लाख 49 हजार 847 मतदाता वोट डालेंगे। इनमें 46 लाख 62 हजार 380 पुरुष, 40 लाख 87 हजार 242 महिला एवं 225 थर्ड जेंडर के मतदाता हैं। इनके अतिरिक्त इस चरण में 16 हजार 875 सर्विस वोटर भी मतदान करेंगे। मतदान को लेकर 8899 बूथ बनाए गए है। जहां 65 हजार मतदानकर्मियों को मतदान प्रक्रिया के संचालन के लिए तैनात किया गया है

नालंदा  में मेडिकल जांच के बाद 34 कर्मचारी चुनाव कार्य से मुक्त

नालंदा में मेडिकल जांच के बाद 34 कर्मचारियों को चुनाव कार्य से मुक्त कर दिया गया। अस्वस्थता के आधार पर कर्मचारियों ने लोकसभा चुनाव के कार्य से मुक्त किये जाने के लिए आवेदन किया था। आयोग के आदेश पर रविवार को हरदेव भवन में मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में कर्मियों की हेल्थ जांच की गयी। चिकित्सकों द्वारा की गयी जांच के बाद 34 कर्मचारियों को चुनाव कार्य से मुक्त कर दिया गया। चुनाव कार्य से मुक्त होने वाले कर्मियों में दिव्यांग व गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। वरीय डिप्टी कलेक्टर सह कार्मिक कोषांग प्रभारी अमरेद्र कुमार ने बताया कि कुल 37 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से 34 को हेल्थ जांच के बाद चुनाव कार्य से मुक्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यह अंतिम मेडिकल कैंप था। इसके बाद कोई कैंप नहीं होगा। लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए 11, 355 विभिन्न कैटेगेरी के अफसर से लेकर कर्मियों की ड्यूटी लगायी जायेगी। उन्होंने बताया कि 21 हजार कर्मचारियों का डाटा तैयार किया गया है।

हाजीपुर में हरि की कृपा बरसेगी या होगी हार, देखना दिलचस्प

हरि और हर की नगरी, हाजीपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी अखाड़े में उतरे लड़ाकों की किस्तम आज  ईवीएम में कैद हो जाएगी। किस पर हरि की कृपा बरसेगी और कौन हारेगा, इसका फैसला तो 23 मई को वोटों की गिनती के बाद होगा लेकिन मतदाताओं की चुप्पी और भितरखाने की गोलबंदी ने प्रत्याशियों के होश उड़ा रखे हैं। अपने-अपने प्रत्याशियों की   जीत सुनिश्चत कराने के लिए एनडीए और महागठबंधन के स्टार प्रचारकों ने पिछले सात दिनों में तूफानी दौरा करते हुए सभाएं की और जनता से पूछकर जीत की माला पहनाई।

एनडीए प्रत्याशी व लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान के भाई पशुपति कुमार पारस के पक्ष में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी की जनसभाएं हुईं।  वहीं प्रत्याशी के बड़े भाई रामविलास पासवान, भतीजे चिराग पासवान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय आदि ने चुनावी सभाएं की। दूसरी तरफ महागठबंधन के प्रत्याशी शिवचंद्र राम के लिए वोट मांगने के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी, मुकेश   सहनी आदि ने हाजीपुर संसदीय क्षेत्र में चुनावी जनसभाएं कीं। हाजीपुर में एनडीए और महागठबंधन में आमने-सामने का संघर्ष है। इन दोनों के अलावा 9 और प्रत्याशी भी अपने-अपने समीकरण और दावों के साथ मैदान में हैं। बावजूद इसके संघर्ष सिमटकर दो प्रत्याशियों के बीच ही रह गया है। एनडीए बिहार के विकास और देश को बचाने के लिए नरेन्द्र मोदी के हाथ को मजबूत करने का नारा दे रहा है तो महागठबंधन के प्रत्याशी लड़ाई को स्थानीय बनाम बाहरी बनाने की जोरदार कोशिश कर रहे हैं। इस चुनाव से यह भी पता चलेगा कि हाजीपुर में रामविलास पासवान का तिलिस्म बरकरार है या नहीं।

शाम पांच बजे के बाद चलेंगी बसें, दिन में ट्रेन ही विकल्प मुजफ्फरपुर

पांचवें चरण के चुनाव को लेकर सोमवार की शाम पांच बजे तक बसें नहीं चलेंगी। यात्रियों के लिए आवाजाही का एकमात्र विकल्प ट्रेनें होंगी। आम दिनों की तरह लोग ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एसएन झा ने बताया कि सुबह छह बजे मुजफ्फरपुर-पटना, मोतिहारी-पटना व शिवहर-पटना के लिए बसें चलेंगी। इसके बाद बसें नहीं चलेंगी। चुनाव संपन्न होने के बाद शाम पांच बजे के बाद बसों का परिचालन शुरू हो जाएगा। इस दौरान सभी रूटों के लिए बस परिचालन होगा। इधर, मतदाताओं को मतदान केंद्र के पास पहुंचाने के लिए ऑटो रिक्शा का परिचालन होगा। मुजफ्फरपुर ऑटो रिक्सा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एआर अन्नू ने बताया कि चुनाव के दिन ऑटो रिक्शा के परिचालन को लेकर किसी तरह का निर्देश नहीं मिला है। मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर पहुंचाने के लिए ऑटो रिक्शा चलेगा। बुजुर्ग, महिला व दिव्यांग मतदाताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आज दिनभर बंद रहेगा हाजीपुर-पटना पीपा पुल पटना

सोमवार को लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के हाजीपुर में होने वाले मतदान को लेकर हाजीपुर-पटना पीपा पुल बंद रहेगा। इस दौरान महात्मा गांधी सेतु पर आवागमन बहाल रहेगा। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक पीपा पुल को बंद रखा जाएगा।

गंगाब्रिज थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि चुनाव में सुरक्षा के मद्देनजर इस प्रकार की ऐहतियात बरती गई है। पीपा पुल सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक बंद रहेगा। इसके लिए पटना जिला पुलिस से भी बात कर सामंजस्य स्थापित किया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मतदान का समय सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक का है। इसीलिए शाम छह बजे के बाद पीपा पुल को खोल दिया जाएगा, लेकिन इस दौरान महात्मा गांधी सेतु पर यातायात परिचालन की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी रहेगी।

मालूम हो कि महात्मा गांधी सेतु के सामानांतर हाजीपुर और पटना के बीच स्थित यह पीपा पुल छोटे वाहनों और बाइक सवारों के लिए आवागमन का सुलभ साधन है, लेकिन यह पुल दियारा क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसलिए ऐहतियातन सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने पीपा पुल पर सोमवार के दिनभर आवागमन पर प्रतिबंध लगाया है।

छेदी ने 2014 में पांच विधानसभा में मीरा से थे आगे भभुंआ

16 वीं लोकसभा चुनाव मे छेदी पासवान को रोहतास-कैमूर के मतदाताओं ने खुलकर समर्थन दिया था। पांच विधानसभा में छेदी पासवान ने मीरा कुमार को शिकस्त दी थी। केवल मोहनियां विधानसभा से मीरा कुमार को छेदी से ज्यादा वोट प्राप्त हुए थे।चैनपुर विधानसभा के वोटरों का छेदी पासवान की जीत में महत्वपूर्ण योगदान था।यहां छेदी पासवान को सर्वाधिक मत मिले थे। जबकि मीरा कुमार को चैनपुर के मतदाताओं की नाराजगी झेलनी पड़ी थी। सासाराम लोकसभा के छह विधानसभा में चैनपुर से मीरा कुमार को सबसे कम मत मिले थे। इस विधानसभा में छेदी पासवान व मीरा कुमार के बीच मतों का अंतर 30723 का था। छेदी पासवान को चैनपुर से 68923 तो मीरा को 38200 मत प्राप्त हुए थे।

63 हजार वोट से जीते थे छेदी

16 वीं लोकसभा चुनाव में छेदी पासवान मीरा कुमार को 63191 वोट से पराजित किया था। इस चुनाव में छेदी पासवान को 365576 वोट मिले थे। जबकि मीरा कुमार को 302385 वोट ही मिले थे। मीरा कुमार की हार में 80 फीसदी योगदान चैनपुर-भभुआ विधानसभा के वोटरों का रहा था। दोनों प्रत्याशियों के बीच सबसे कम मत का अंतर करगहर विधानसभा में रहा। करगहर में छेदी पासवान को मीरा कुमार से मात्र 1270 मत अधिक प्राप्त हुए थे। जिले के तीन विधानसभाओं में छेदी पासवान को सासाराम से ज्यादा मत प्राप्त हुए थे। सासाराम विधानसभा क्षेत्र से छेदी पासवान को कुल 66704 मत प्राप्त हुए थे।

नोटा बिगाड़ रहा है समीकरण

लोकसभा चुनाव में नोटा का प्रयोग प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ने में भूमिका अदा कर रही है। नोटा का प्रचलन लगातार बढ़ रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में कुल 13377 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था। सबसे ज्यादा चेनारी के मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था। इस विधानसभा में 2676 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था। सासाराम विधानसभा क्षेत्र के 2304 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग किया था। सबसे कम मोहनियां विधानसभा क्षेत्र के मतदाता ने नोटा का बटन दबाया था।