युवाओं के बलिदानी जज्बे का सम्मान करना हर देशभक्त का कर्तव्य है: प्रियंका गांधी

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केंद्र की मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित सेना में भर्ती की नयी योजना ‘अग्निपथ’ के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित सत्याग्रह को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओ के इस विरोध का समर्थन करती है और उनके साथ हैं। युवाओ को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि ‘आप इस देश का भविष्य हैं, आपसे बड़ा देशभक्त कोई नहीं है इस देश में। मैंने आप जैसे सैंकड़ों बच्चों से बात की, आप जैसे सैकड़ों नौजवानों से बात की। जब मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे गांव में 4 बजे सुबह गिरफ्तार होने वाली थी, तब भी मैंने सड़क पर जब देखा, तो मुझे 20, 30 तुम (एक नौजवान की ओर इशारा करते हुए) जैसे नौजवान दिखे, जो सुबह-सुबह 4 बजे आर्मी में भर्ती होने के लिए ट्रेनिंग कर रहे थे, दौड़ लगा रहे थे। ट्रैक्टरों पर बैठे हुए मैं ऐसे नौजवानों से मिली, जिन्होंने मुझे कहा कि दीदी उम्मीद छूट गई है, खत्म हो गई है। सालों से हम भर्ती का इंतजार कर रहे थे, अब हम गन्ना बेचने जा रहे हैं।

मैं आपसे कहना चाहती हूं कि आपका दर्द हम समझते हैं, पूरा देश समझ रहा है, पूरा देश देख रहा है। लेकिन आप ये मत भूलो कि ये देश आपका है, इस देश की संपत्ति आपकी है, इसे सुरक्षित रखना आपका कर्तव्य है। हम यहाँ सत्याग्रह पर बैठे हैं, क्योंकि सत्याग्रह, सत्य की लड़ाई अहिंसा द्वारा लड़ी गई, अहिंसा के जो मार्ग पर चलकर लड़ी गई, उस लड़ाई ने इस देश को आजाद किया। इस देश को आजाद करके आपको सौंपा, ताकि आपका भविष्य बन पाए।

तो, मैं आपसे आग्रह करती हूं कि परिस्थितियों को समझिए। आपके आस-पास क्या हो रहा है, सरकार कैसे चल रही है, देश में क्या हो रहा है, उसको गहराई से समझिए। जो किसान के आंदोलन थे, क्यों किए गए, किसान क्यों जागे, क्यों सड़क पर आए – क्योंकि वो समझे कि खून-पसीना वो बहाएं, मेहनत वो करें, लेकिन उस मेहनत की कमाई किसी और को दी जा रही थी। ये सरकार उनके लिए नहीं चल रही थी।

इसी तरह से मैं आपसे आग्रह करती हूं कि समझिए, ये सरकार आपके लिए नहीं चल रही है। ये सरकार इस देश के गरीबों के लिए, इस देश के नवयुवकों के लिए, इस देश की महिलाओं के लिए, इस देश के एक-एक देशवासी के लिए, जो आज गरीब है, जो परेशान है, उसके लिए नहीं चल रही है, ये सरकार। ये सरकार सिर्फ बड़े-बड़े उद्योगपतियों के लिए चल रही है और ये जितनी भी स्कीमें हैं, जो बार-बार आप पर थोपी जाती हैं, ये सोच-समझ कर किया जा रहा है। ये बात सही नहीं है साथियों कि बगैर सोचे-समझे किया जा रहा है। ये सोच-समझ कर इसलिए किया जा रहा है कि इस सरकार का सिर्फ एक मकसद है कि सत्ता में रहना। सिर्फ एक मकसद है और उस मकसद को निभाने के लिए कुछ भी कर डालेंगे। उस मकसद को निभाने के लिए वो बड़े-बड़े, जो सरकारी उद्योग थे, वो इन्होंने अपने उद्योगपति मित्रों को क्यों बेचे, आप बताइए क्यों बेचे – उसी मकसद को पूरा करने के लिए। आपको रोजगार मिलता था वहाँ से, आपको उन उद्योगों से, छोटे उद्योगों से, छोटे व्यापार से भी रोजगार मिलता था, जो तकरीबन आज बंद कर चुके हैं, ये। क्योंकि इनकी नीतियों ने, नोटबंदी ने, तमाम नीतियों ने, जीएसटी ने उनको भी बंद कर दिया और आज सेना, जिसकी भर्ती का सपना आप देखते हैं, आप अपने देश की सुरक्षा का सपना देखते हैं, अपने भविष्य को मजबूत बनाने का सपना देखते हैं, आप ये सपना देखते हैं कि बड़े होकर आप मां-बाप की देखभाल करेंगे, सरहद पर जाकर इस देश के लिए अपनी जान देंगे। आपसे बड़ा देशभक्त कोई नहीं है, मैं याद दिलाना चाहती हूं, आपको और मैं आपको कहना चाहती हूं कि जो नकली राष्ट्रवादी हैं और जो नकली देशभक्त हैं, आंख खोलकर उनको पहचानिए। आपके संघर्ष में पूरा देश आपके साथ है, पूरी कांग्रेस पार्टी आपके साथ है।

प्रियंका ने कवि हरिवंशराय बच्चन की कविता अग्निपथ का उल्लेख करते हुए उसकी निम्न पंक्तियों को दोहराया:

“वृक्ष हों भले खड़े,
हों घने, हों बड़े,
एक पत्र छांह भी,
मांग मत! मांग मत! मांग मत!
तू न थकेगा कभी,
तू न थमेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ! कर शपथ! कर शपथ!”

फिर कहा कि इस कविता का नाम आपने एक ऐसी स्कीम को दे दिया है, जो इस देश के नवयुवकों को मार डालेगी। ऐसी स्कीम को, जिससे ना इस देश की सेना, जो हमारे देश की सुरक्षा करती है, जिनके सहारे तमाम जो आप भी यहाँ खड़े हैं, आप सरहद पर जाकर सुरक्षा करते हैं। ऐसी स्कीम है, जो इस सेना को खत्म कर देगी। आप इस सरकार को पहचानिए, इस सरकार की नीयत को पहचानिए, मेरे भाइयों, मेरी बहनों। लोकतांत्रिक तरीके से, शांतिपूर्वक, अहिंसा के मार्ग पर चलकर इस सरकार को खत्म कीजिए, इस सरकार को गिराइए, ये आपका मकसद होना चाहिए कि आपके देश में एक ऐसी सरकार बने, जो सच्ची देशभक्ति दिखाए, जो देश की संपत्ति को सुरक्षित रखे, जो देश को आगे बढ़ाए, देश के गरीबों, नौजवानों को आगे बढ़ाए।

इसीलिए, इस मंच पर खड़े हुए मैं आपसे आग्रह करती हूं कि जो भी आप प्रदर्शन करें, आप शांतिपूर्वक करें, लेकिन आप रुके नहीं, आप थके नहीं, ये आपके अधिकार हैं, आपका देश है। इसको सुरक्षित रखने का कर्तव्य आपका है, इसके लोकतंत्र को सुरक्षित रखने का कर्तव्य आपका है। इस कर्तव्य को निभाने में कांग्रेस पार्टी का एक-एक नेता, कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता आपका साथ देगा।

जय हिंद।