बेकसों का सहारा हमारा नबी-विद्यार्थी दारूल उलूम अताऐ रसूल।शिक्षा का दिया घर घर जलाऐं-सय्यद कासिम अशरफ।

कोटा । ईद मीलादुन्नबी कान्फ्रेन्स के अध्यक्ष नियाज अहमद निक्कू व संयोजक आसिफ खान ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि आॅल इण्डिया तहरीके अहले सुन्नत शहर कोटा के तत्वाधान में 14वीं ईद मीलादुन्नबी कान्फ्रेस दरगाह ईदूशाह बाबा हजीरा पर मौलाना फजलेहक पूर्व चैयरमेन राजस्थान मदरसा बोर्ड की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

कान्फ्रेन्स की सरपरस्ती शहजादाए गोसेआजम हजरत अल्लामा सय्यद कासिम अशरफ किछोछा शरीफ ने की मुख्य वक्ता विश्व प्रसि( तहरीक सुन्नी दावते इस्लामी के प्रमुख मौलाना शाकिर अली नूरी रहे।
मौलाना सय्यद मोहम्मद अहमद मुम्बई, मुफ्ती मोहम्मद नौशाद, मुफ्ती मुबारक हुसैन, मौलाना अलाउद्वीन ने तकरीर की। मौलाना सईद मुख्तार ने निजामत की। सुबोधकांत सहाय पूर्व केन्द्रीय मंत्री भारत सरकार मुख्य अतिथि रहे।
तिलावत कुरान के बाद सफेद अमन के झण्डे फहराकर मौलाना फजलेहक व गुलाम जीलानी बाबा ने कान्फ्रेन्स का उद्घाटन किया।

दारूल उलूम अताए रसूल के छात्रों ने नात पढ़ी ‘‘बेकसों का सहारा हमारा नबी’’ मजमा झूम उठा।

मौलाना सय्यद कासिम अशरफ बाबा साहब ने कहा कि कोटा देश में

शिक्षा का केन्द्र बना हुआ है यहां की मिट्टी में शिक्षा की खुशबु आती है।

इस खुशबु को हमें गरीब के घर तक पहुंचाना है। पेगम्बर के उपदेशों पर हम चलें जिसमें कहा है कि ‘‘इल्म रोशनी है’’ इस रोशनी के दीये को हमें घर घर जलाना है।
मौलाना शाकिर अली नूरी ने कहा कि उच्च शिक्षा व इन्टरनेट ने हमारे सामने दुनिया को समेट दिया है मगर युवा वर्ग इसके जरिए गलत रास्तों पर भी चल पडा है। रात रात भर नौजवानों का शौक इन्टरनेट के जरिए गुनाहों के कामों को देखने का बन गया है। इससे हमें हमारी नस्लों को बचाना है। विशेष तौर पर लडकीयों को इस लानत से दूर रखना है ताकि हम समाज में बढती बुराईयों को रोक सके।

मौलाना फजलेहक ने कहा कि आतंक जुल्म का नाम है और इस्लाम रहम का नाम है।

अत्याचार व दया एक मियान में दो तलवार की तरह नहीं रह सकते । इस्लाम को आतकंवाद से जोडना सबसे बडा आंतक है। हमें पेगम्बर साहब की मानवता से प्रेम अमन शांति के संदेश को घर घर पहुंचाकर दिलों को जीतना होगा। नफरत के जहर को मोहब्बत के शहद से मिटाना होगा।

जमील अहमद कादरी व इश्तियाक अहमद ने नबी की शान में नातेपाक पेश की।

कान्फ्रेन्स के सरपरस्त मोहम्मद मियां, हाजी इनायत हुसैन, अध्यक्ष नियाज अहमद निक्कू, संयोजक आसिफ खान व जफर अली, सहसंयोजक एजाज अहमद खान, डाॅ अतीक, इजलाल रिज्वी, अतीक खान लोको, हाजी मुन्ना मदार, अब्दुल शकूर गद्दीनशीन दरगाह ईदूशाह बाबा का उलमाओं द्वारा सम्मान किया गया।
औरतों का जलसा हुआ

सचिव इदरीस बरकाती ने बताया कि आलिमा मोहसिना फातमा आशफाकी प्रिंसिपल जामियातुल बनात आएशा सम्म्ल ;यू.पी.द्ध मुख्य वक्ता रही। अध्यक्षता फहमीदा इदरीस ने की। निजामत कनीज असमा ने की। शाईस्ता, नूर फातमा, कनीज आएशा, नाजनीन, यासमीन ने नात पेश की।

आलिमा मोहसिना ने कहा कि हया ;शर्मद्ध ईमान का आधा हिस्सा है पर्दा औरत का सुरक्षा कवच है हमें हया और पर्दे से अपने ईमान की हिफाजत करनी है और अपनी बच्चीयों को शिक्षा के गहने से सजाना है।