Giridih:- भारत सरकार तथा राज्य सरकार के गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए बाहर फसे सभी प्रवासी मजदूरों और विद्यार्थियों को शीघ्र वापस लाया जाएगा- उपायुक्त

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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को देखते हुए सम्पूर्ण देशव्यापी लॉकडाउन किया गया है। कोविड-19 के बचाव एवं रोकथाम हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कई तरह दिशा निर्देश जारी किया है। इसी कड़ी में कोविड-19 के मद्देनजर आज समाहरणालय सभागार कक्ष में उपायुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस कर कोविड-19 से संबंधित जानकारी मीडिया बंधुओ के साथ साझा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा कई दिशा निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आवश्यक कार्यों को शुरू करने की अनुमति दी गई है। जिसके आलोक में राज्य सरकार द्वारा प्रोटोकॉल बनाने का निर्देश दिया गया है। झारखंड राज्य में भी अलग अलग राज्यो के लिए नोडल पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किया गया है। उक्त के आलोक में सभी प्रवासी श्रमिक एवं विद्यार्थियों को लाने की तैयारी शुरू करानी है। वर्तमान में जो निर्देश प्राप्त है कि हर एक जिला अपने अपने जिले अन्तर्गत जितने भी बसे है उन्हें एक जगह व्यवस्थित कराते हुए वाहन कोषांग तैयार कर लें। तथा वर्तमान में जो झारखंड राज्य से नजदीक वाले राज्य है जैसे- उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, वेस्ट बंगाल और उड़ीसा है। वर्तमान में जो इन राज्यो के जिले है वहां बस भेज कर लोगो को लाने की तैयारी शुरू किया जाना है। इसके अलावा वर्तमान में झारखंड सहायता ऐप में पंजीकृत कराने वाले लोगो की सूची उपलब्ध है। जिसके अनुरूप हर एक जिलावार मैपिंग किया जा रहा है। ताकि सभी जिलों में मैजिस्ट्रेट टैग कर दिनांक 3 मई तक पांच राज्यो के विभिन्न जिलों में बसो को भेजना प्रारंभ कर दिया जाएगा।
इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ट्रेन के माध्यम से श्रमिको को लाने की कोशिश की जा रही है। इसी के मद्देनजर सिकंदराबाद से एक ट्रेन प्रस्थान किया है जो कि रात 11 बजे तक रांची पहुंचेगा। तत्पश्चात रांची से बस के जरिए सभी लोग अपने अपने जिले में आ पाएंगे। इसके अलावा अन्य राज्यो एवं अन्य जिलों ने भी ट्रेन की व्यवस्था हेतु तैयारी शुरू कर दी है। कोटा में फंसे हुए जितने भी विद्यार्थी है उनके लिए भी स्पेशल ट्रेन चलाने की बात चल रही है। एक से दो दिनों के अंदर कोटा से स्पेशल ट्रेन के जरिए विद्यार्थियों को रांची लाया जा सकता है। और रांची से सभी विद्यार्थियों को अपने अपने जिलों में पहुंचा दिया जाएगा।
– जो लोग सीधे पास चाहते हैं वो अप्लाई कर सकते हैं-  उपायुक्त.
प्रेस वार्ता में उपायुक्त ने कहा कि जो लोग सीधे अनुमति चाहते हैं वो पास के लिए आवेदन दे सकते हैं। वे अपनी वाहन की व्यवस्था कर किसी भी राज्य के जिले में फंसे अपने परिजनों/विद्यार्थी को ला सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर या छात्र जो भी बाहर से आते हैं उनके लिए एक डाटा बेस तैयार किया जाएगा। यहां उतरने के बाद सभी की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। तत्पश्चात सभी को होम कोरेनटाइन में भेजने का निर्देश है। अगर किसी व्यक्ति में संक्रमण के ज्यादा लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें सरकारी कोरेनटाइन या अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। शेष सभी व्यक्ति अपने अपने घरों में ही होम कोरेनटाइन में रहेंगे।
– बाहर से आए हुए लोग सख्ती से लॉकडाउन का अनुपालन करेंगे
उपायुक्त ने सभी ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों को गांव में प्रवेश करने की इजाजत दें। उनको उनके घर में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहित करें। वे अपने घरों में 14 दिन के लिए होम कोरेंटाइन में रहेंगे। सभी लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन करेंगे।
– कोविड-19 को नियंत्रित करने के उद्देश्य से आरोग्य सेतु ऐप की अहम भूमिका, आरोग्य सेतु ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें
इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि सभी लोगो को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य रहेगा। ताकि उनका मॉनिटरिंग किया जा सकें। बाहर से आने वाले सभी व्यक्ति अपने होम कोरेनटाइन की अवधि को पूर्ण करने के बाद अपने नजदीकी रोजगार सेवक के पास जॉब कार्ड के लिए आवेदन दे सकते हैं। जॉब कार्ड के आवेदन के बाद शीघ्र ही उनको जॉब कार्ड उपलब्ध करा दिया जाएगा। और उनके क्षेत्र के नजदीक मनरेगा के अंतर्गत कार्य भी उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि वैसे व्यक्ति जो अन्य राज्यो/जिलों के है जो कि गिरिडीह में है वे भी अपने जिले में जाने हेतु पास प्राप्त कर जा सकते हैं। गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान कर सकते हैं। सभी स्थानों पर सुरक्षा के मानकों का पूर्णतः अनुपालन करेंगे। गाड़ियों के अंदर सामाजिक दूरी तथा सुरक्षा के सभी मानकों का अनुपालन करेंगे।