छात्राएं अपनी रूचि के अनुसार चुने करियर क्षेत्र: प्रो. लिंबा

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by:सतीश बंसल (UNA संवाददाता)
सिरसा।

जांभाणी साहित्य अकादमी, बीकानेर व श्री बिश्नोई सभा सिरसा द्वारा 15 जून से 21 जून तक आयोजित किए जा रहे सात दिवसीय राष्ट्रीय जांभाणी एवं चरित्र निर्माण शिविर के 6वें दिन का शुभारंभ दक्ष प्रजापति शिक्षा समिति के अध्यक्ष व योगा एसोसिएशन के सचिव आरसी लिंबा ने किया। उन्होंने व्यक्तित्व विकास व करियर संबंधी जानकारी छात्राओं के साथ सांझा की। प्रो. लिंबा ने छात्राओं को विस्तार से बताया कि वे किस फील्ड में अपना करियर बेहतर तरीके से बना सकती हैं। उन्होंने करियर संबंधी छात्राओं द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देकर भी उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। इसके पश्चात कुमारी सुमन मांजू ने नारी सशक्तिकरण को लेकर छात्राओं के समक्ष अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में नारी किसी से कम नहीं है। नारी शक्ति ने अपनी मेहनत व शक्ति के बूते अनेक आयाम छूए है। नारी आज अबला नहीं सबला है और वह हर मुसीबत का सामना बड़ी आसानी से कर सकती है।

जांभाणी साहित्य अकादमी के कोषाध्यक्ष, विद्या भारती दिल्ली में पर्यावरण प्रमुख व अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष आर.के. बिश्नोई ने बड़ी आसानी से छात्राओं को बताया कि वे किस प्रकार पर्यावरण का सरंक्षण कर सकते है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण सरंक्षण के लिए अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाएं, जल का सरंक्षण करें, कचरा प्रबंधन, जीव दया व जैव विविधता और धरती का भू-सरंक्षण करें। इसके बाद स्वामी विवेकानंद महाराज ने छात्राओं को जांभोजी महाराज के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया।

स्वामी विवेकानंद महाराज ने बताया कि जांभोजी ने पाखंडवाद से बचने के तरीके बताए थे, लेकिन लोग अब फिर से पाखंडवाद में पड़कर अपना जीवन नष्ट कर रहे हंै। उन्होंने बताया कि जांभोजी ने कहा कि अगर आप पर्यावरण को सकारात्मक रखोगे तो कोई नकारात्मकता आप में नहीं आएगी। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे यहां से संकल्प लेकर जाएं कि जो बातें यहां सिखाई गई है, उन्हें आप अपने जीवन में उतारेंगे। सभा के प्रचार सचिव डा.मनीराम सहारण ने बताया कि बीते दिवस छात्राओं को सिरसा के इतिहास से रू-ब-रू करवाने के लिए सरसाईनाथ मंदिर व तारा बाबा कुटिया का भी भ्रमण करवाया गया।

कार्यक्रम के अंत में आए हुए सभी वक्ताओं को सभा के प्रधान खेमचंद बैनीवाल की ओर से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर आत्मा राम सिघड़, सभा के सचिव ओपी बिश्नोई, कार्यकारिणी सदस्य सुशील बैनीवाल, जगतपाल कड़वासरा, भूप सिंह कस्वां, हंसराज गोदारा, दारा सिंह डेलू, पटवारी हनुमान गोदारा, पृथ्वी गोदारा व अमर सिंह पूनियां सहित अन्य समाज के पदाधिकारी व लोग उपस्थित थे।