UP में BJP राज में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो गई हैं: अखिलेश यादव

0
38

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो गई हैं। समाजवादी सरकार के समय बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में खरीदी गई कीमती मशीनें नहीं चल पा रही है। इनकी मरम्मत करने से कम्पनियों ने मना कर दिया है। वरिष्ठ डाक्टर मजबूरी में इनसे काम चला रहे हैं।

अखिलेश यादव शनिवार को पार्टी मुख्यालय, लखनऊ में मीडिया से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बनाए रखती तो मरीजों की जान से खिलवाड़ नहीं होता। उन्होंने कहा हद तो यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर बनी मेडिकल यूनिवर्सिटी समाजवादी सरकार के समय बने लोहिया संस्थान के 9वें तल पर चल रही है। अटल जी के नाम की मेडिकल यूनिवर्सिटी भाजपा राज में मूर्तरूप नहीं ले पा रही है। इससे पता चलता है कि भाजपा सरकार अपने नेता और जनता के इलाज के मामले में कितनी गम्भीर है।

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में एक रुपए के पर्चे पर मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही थी। गम्भीर बीमारियों किडनी, लीवर, हार्ट, कैंसर की मुफ्त इलाज की व्यवस्था थी। कैंसर अस्पताल बना था। अब इलाज को महंगा कर दिया गया है। गरीबों से मुनाफा कमाया जा रहा है। एम्बूलेंस 108 और 102 बर्बाद हो गई है।,मरीजों से इनके लिए पैसे वसूले जा रहे हैं। लोहिया अस्पताल मेडिकल कॉलेज के बाहर दलाली का धंधा चल रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का दावा है कि स्वास्थ्य सेवाएं जिलास्तर पर भी दी जा रही है। यदि जिले के अस्पताल अच्छे हैं तो मरीजों की भीड़ लखनऊ के अस्पतालों में क्यों हो रही है? यहां मरीज दवा, इलाज के बगैर जान दे रहे है। उनको वक्त पर सही और सस्ता इलाज नहीं मिल पा रहा है। भाजपा ने स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र को बर्बाद कर दिया है। कोरोना काल में तो संक्रमित लोगों को अनाथ छोड़ दिया गया था। आक्सीजन के अभाव में तब भी जाने गई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा कोई भी साजिश कर सकती है। उसके पास झूठ फैलाने का एक बड़ा प्रचारतंत्र है। जर्मनी के तानाशाह हिटलर के पास तो एक ही प्रचारमंत्री था यहां तो कई हैं। हमें इनसे सावधान रहना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here