इलिया : एक तरफ जहां केंद्र व प्रदेश की सरकार कृषकों की आय दोगुनी करने का दंभ भर रही है तो वहीं क्षेत्र के किसान अपनी फसल को ओने पौने दामों पर बेचने को मजबूर है।

जहां प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में किसानो को सुविधाये देने के लिए फसलों का समर्थन मूल्य जारी कर सरकारी क्रय केंद्र खोलने व कृषक महाकुंभ का आयोजन कर ज़ोर शोर से प्रचार प्रसार करती है । जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सके लेकिन तहसील व जिले के अधिकारियों की निरंकुशता के चलते सरकार की किसानों की आय दोगुनी करने का वादा फेल होता नजर आ रहा है। जहाँ एक तरफ तहसील क्षेत्र मे क्रय केंद्र की स्थापना करते हुए जोर शोर से प्रचार प्रसार करते हुए सरकारी क्रय केंद्र खोले गये लेकिन क्षेत्र के सभी सरकारी क्रय केंद्रों पर सरकारी खरीद बंद होने के कारण क्षेत्र के किसान अपनी फसल को औने पौने दामों पर 300-400 रुपये प्रति कुंटल पर घाटा उठाकर निजी व्यापारियों को बेचने को मजबूर हैं।

क्षेत्र मे जहाँ समर्थन मूल्य और सरकार की खरीद नीति तथा सरकारी क्रय केन्द्र का तहसील प्रशासन ने जोर शोर से ग्राम पंचायतों मे प्रचार प्रसार किया गया लेकिन क्षेत्र के सभी क्रय केंद्र बंद होने के कारण किसान अपने को ठगा महसूस कर रहा है। क्षेत्र के भुड़कुड़ा निवासी किसान मिन्टू खान ने बताया कि मैने अपनी कुल 18 एकड़ जमीन मे से लगभग 17 एकड़ भूमि पर धान की खेती किया था। समर्थन मूल्य और क्रय केन्द्रों पर खरीद की बात सुनकर खुश हुआ था कि चलो अब सरकार किसानों के हितों के बारे मे सोंच रही है।

लेकिन मै रोज अपनी फसल को बेंचने के लिए क्रय केन्द्र के चक्कर लगाने को मजबूर हूँ। यहां केंद्रों पर कोई सुनने वाला ही नहीं है। तो वहीं किसान वीरेंद्र सिंह, निवासी भुड़कुड़ा, मुन्ना सिंह बरियारपुर, अवधेस सिंह बटौवा, व पियूष कान्त पाण्डेय निवासी निचोट ने बताया कि अपनी फसल को सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बेंचने के लिए रोज चक्कर लगा रहे हैं लेकिन इन सरकारी केंद्रों पर खरीद नहीं होने के कारण यह लोग रोज मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं । इन किसानों का कहना है कि जब सरकार फसलों का समर्थन मूल्य जारी करके सरकारी क्रय केंद्र खोले हैं तो इन पर खरीद क्यों नहीं हो रही है।

इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए जब जनसंदेश टाइम्स ने किसान सेवा सहकारी समिति इलिया के केन्द्र प्रभारी भोला यादव से धान खरीद न होने के बावत सवाल किया तो उन्होने बताया कि धान खरीद केंद्र पर नमी यंत्र, झरना, व मिल एलर्टमेंट न होने से किसान सेवा सहकारी समिति इलिया क्षेत्र के कवलपुरवां, इलिया, खखड़ा, बरियारपुर, खिलची रजडीहा, भुड़कुड़ा, कलानी, बटौवा, निचोट, मझुई आदि गाँवों के किसानों की धान खरीद नही हो पा रही है।

वही इलिया सहकारी समिति पर अब तक सिर्फ 70 कुंटल 40 किलो धान की खरीद हुई है। हम सभी कर्मचारियों की मांगे नहीं मानी जा रही हैं जिसके चलते जब तक हम लोगों की मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक हम सभी कर्मचारी धान खरीद नही करेंगे । वहीं इस मामले में किसानों ने कहा की शिकायत करने व जानकारी लेने के लिए जब आला अधिकारियों को फोन करो तो जिले के किसी अधिकारी का फोन उठता ही नही है।