Institute of Social Responsibility and Accountability (ISRA)

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Institute of Social Responsibility and Accountability (ISRA) द्वारा Paradigm Shift in NGO’s Activities के विषय के संदर्भ में साउथ एशिया वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें श्री निशांत अग्रवाल (CEO, Seva International, India), श्री अशन पेरेरा (Founder, The Road to Right, SriLanka), श्री अमिया प्रापण चक्रबोर्ती (कार्यकारी निदेशक, Dhrubotara, Youth Development Foundation, बंगलादेश ) तथा देश के 24 राज्यों से प्रतिभागियों ने कार्यक्रम अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित की। कार्यक्रम का संचालन श्री सुजीत घोष द्वारा किया गया।
श्री अशन पेरेरा (Founder, The Road to Right, SriLanka) जी ने कोरोना काल में उनके द्वारा किए गए कार्यो पर चर्चा की। अशन पेरेरा जी ने कोरोना के सकारात्मक पक्षों के बारे मे बताया कि किस प्रकार हम इसे एक अवसर के रूप मे देख सकते हैं। कोरोना काल में उद्यमिता और सामाजिक उद्यमिता को बढ़ावा मिला। डिजिटल प्लेटफॉर्म का सबसे ज्यादा प्रयोग किया गया।लोग  अपने  परिवार के साथ रहकर घर से भी  मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर सकते है ,WORK FROM HOME का प्रयोग बड़ा है।उन्होने कोरोना काल में श्रीलंका सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमो पर भी चर्चा की।
श्री निशांत अग्रवाल (CEO, Seva, International, India), ने अपनी संस्था के बारे में बताया और उसके द्वारे किये गए कार्यो पर चर्चा की। सेवा इंटरनेशनल स्थानीय समुदायों को कई तरह से सहायता करता है। उन्होंने कोरोना काल में आने वाली चुनौतियो के बारे में बताया और उसके समाधान के लिए 5R PLAN पर चर्चा की। उन्होने बताया की सेवा इंटरनेशनल ने अब तक स्वयंसेवकों, कॉरपोरेट्स और एनजीओ भागीदारों के साथ मिलकर परिवार की किट, ताजा भोजन, दूध / बिस्कुट, कपड़ा मास्क, और चिकित्सा उपकरण / अस्पतालों में आपूर्ति प्रदान की है।
श्री अमिया प्रापण चक्रबोर्ती (कार्यकारी निदेशक, Dhrubotara,Youth Development Foundation , बंगलादेश )ने अपनी संस्था और उसके लक्ष्य के बारे में बताया। DYDF  बांग्लादेश के वंचित समुदायों की लड़कियों और लड़कों दोनों को युवाओं और किशोरों के समूहों को सशक्त बनाने के लिए काम करती है। उन्होंने बांग्लादेश के नेशनल यूथ डेवलपमेंट इन्डेक्स के बारे में भी बताया । उन्होंने कोरोना काल  में बांग्लादेश सरकार द्वारा किये गए कार्यों को बताया ।उन्होंने कहा की इस समय शिक्षा प्रणाली को भी पुनर्गठित करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार नई-नई चुनौतियाँ नए-नए अवसर लेकर आये हैं। जैव विविधता, पर्यावरण को लेकर चर्चाऐ  बडी है।
आज के इस कार्यक्रम  में धन्यबाद ज्ञापन श्री तारक नाथ शाह  द्वारा किया गयाद्वारा किया गया।