Jaipur, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने शुक्रवार को बाड़मेर में दुष्कर्म पीड़िता और उनके परिजनों से मुलाकात की

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Jaipur, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने शुक्रवार को बाड़मेर में दुष्कर्म पीड़िता और उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद वे जोधपुर पहुंचे। जहां एक प्रेसवार्ता में सतीश पूनियां ने कहा कि मैं ज्योतिष तो नहीं हूं, नाहीं भविष्यवक्ता हूं, लेकिन मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि राजस्थान में अब कांग्रेस पार्टी बहुत बड़े विभाजन की तरफ है और अशोक गहलोत राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बहादुरशाह जफर साबित होंगे।
इस प्रेसवार्ता में डॉ. सतीश पूनियां ने कहा कि प्रदेश की गहलोत सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने और पीड़ितों के इलाज में सुविधाएं बढ़ाने की जगह आंकड़ों को छुपाकर आमजन को गुमराह कर रही है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकार कोरोना के संकट को रोकने और पीड़ितों को इलाज देने में असफल साबित हो रही है। डाॅ. पूनियां के साथ प्रेसवार्ता में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी, प्रदेश मंत्री के.के. विश्नोई, जिलाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सीएम गहलोत के गढ़ में पूनियां ने कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना
डाॅ. पूनियां ने कहा कि अफसोस है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 20 महीने में कोई काबिल व्यक्ति कांग्रेस पार्टी में नहीं मिला। जो गृहमंत्री का काम कर सके और प्रदेश में बढ़ते अपराधों से अब जब पानी सर से ऊपर गुजर गया है, ऐसे में मुख्यमंत्री की चुप्पी और भी ज्यादा आश्चर्यजनक है। दुर्भाग्य है कि महिलाओं, 12 से 18 साल की नाबालिग बच्चियों के साथ अपराधों में राजस्थान पूरे देश में पहले नम्बर पर है, राजस्थान में कांग्रेस सरकार आने के बाद दलितों, आदिवासियों सहित अपराधों में 64 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह सरकार ना तो कोरोना के संक्रमण को रोकने में सक्षम है और ना ही अपराधों को रोकने में सक्षम है। ऐसा लगता है कि सरकार और पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है।
सपोटरा में पुजारी को जिंदा जलाने पर बोले: अपराधी मस्त हैं-जनता त्रस्त
करोली के सपोटरा क्षेत्र में राधागोपाल मन्दिर के पुजारी बाबूलाल वैष्णव को जलती हुई झोंपड़ी में फेंक दिया और उनकी मौत हो गई। इससे स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई, अपराधियों में भय नहीं है और पुलिस की पंचलाइन जो थानों में लिखी होती है ‘‘अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास’’। अशोक गहलोत के शासन में ऐसा लगता है कि यह पंच लाइन बदल गई, ‘‘अपराधी मस्त हैं-जनता त्रस्त है। इसलिए यह पंच लाइन बदल गई कि ‘‘अपराधियों में विश्वास और आमजन में भय’’।
सियासी घटनाक्रम के बाद एक मंच पर नजर नहीं आए गहलोत व पायलट
पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट उस सियासी घटनाक्रम के बाद कभी एक मंच पर नहीं दिखे, कभी उनके बीच में संवाद की खबर नहीं आई और जब वो कहीं उपस्थित होते हैं तो मुख्यमंत्री जी नहीं जाते, जहाँ मुख्यमंत्री जी होते हैं वहाँ इनकी मौजूदगी नहीं होती। विधायक भरत सिंह ने भ्रष्टाचार के मसले को लेकर जो चिट्ठी लिखी, उस विग्रह के आधार पर कह सकता हूँ कि ये कांग्रेस पार्टी की प्रदेश में आखिरी सरकार है। अशोक गहलोत राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के बहादुरशाह जफर साबित होंगे।(UNA)