नई दृष्टि से नया दृष्टिकोण अपनाएं-पूर्व आईएएस अमर सिंह

कोटा। लायंस क्लब कोटा व जिला अंधता निवारण समिति द्वारा अयाना में 18 दिसम्बर को लगे नैत्र शल्य चिकित्सा शिविर का शुक्रवार 21 दिसम्बर को झालावाड़ स्थित लांयस क्लब कोटा भवन में समापन हुआ जहां 375 नेत्र रोगियों की जांच व 109 रोगियों को सफल ऑपरेशन कर लैंस प्रत्यारोपित किये गये। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस अमर सिंह व विशिष्ट अतिथि पूर्व न्यास तहसीलदार भवानी सिंह थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लांयस क्लब अध्यक्ष सीपी विजय ने की।

कार्यक्रम में उपस्थित,बूंदी,बारां व झालावाड़ के पूर्व कलक्टर आईएएस अमर सिंह ने नई दृष्टि प्राप्त करे लोगो को शुभकामाएं देते हुए कहा कि आप अपने इस दृष्टि से नया दृष्टिकोण अपनाएं और मानवता व सकारात्मकता की ओर अपने शेष जीवन को लगाएं। सकारात्मक सोच रखने से आपको न केवल अपने जीवन को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है, बल्कि अपने रोजमर्रा के अनुभवों को भी आप ज्यादा सुखद बना पाते हैं, और इसके अलावा आपको अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद मिलती है,सकारात्मक दृष्टकोण आपके जीवन में सफलता और खुशी लाता है। सकारात्मक ऊर्जा से आंतरिक प्रेरणा भी प्राप्त होती है।

लायंस क्लब अध्यक्ष सी पी विजय ने बताया कि आठवें नेत्र चिकित्साा शिविर में 375 रोगी का रजिस्ट्रशन किया गया था जिसमें में 109 रोगियो का सफल मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया। रोगियो को अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ विशाल स्नेही द्वारा जांचा गया एवं उनकी निर्देश में लेजर तकनीक से ऑपरेशन किये गये। कार्यक्रम में पूर्व यूआईटी तहसीलदार भवानी सिंह भी अपने विचार सभा में रखे।

शिविर प्रभारी दिनेश खुवाल ने बताया कि लांयस क्लब द्वारा जारी नेत्र चिकित्सा शिविर में आये सभी रोगियों के निःशुल्क उपचार एवं आवास की सुविधा लांयस क्लब द्वारा कि गई। नेत्र चिकित्सा के लिए आये रोगियों ने अपने निःशुल्क उपचार के लिए क्लब के सदस्यो को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में लायन अशोक लखोटिया,इद्रेश गर्ग,चंदा बरवाडिया सहित कई लांयस क्लब के सदस्य मौजूद रहे।

लायंस मेम्बरर्स पर ली चुटकी, इमरजेंसी कि साझा कि याददाश

पूर्व आईएएस अमर सिंह ने क्लब के साथियांे को लायन पुकारने जाने पर अपनी याददाश के बारे में बताते हुए कहा कि उन्हे आचार्य कृपलानी ने उन्हे इमरजेंसी समाप्ति के समय लांयस क्लब मद्रास बुलाया था। मद्रास में लांयस क्लब के एक कार्यक्रम में सभी साथियों के नाम पुकारते समय ‘लायन’ शब्द से सम्बोधित किया जा रहा था ऐसे में जब उनका अमर सिंह का उद्बोधन आया तो उन्होने कहा कि देश में 26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल का दौर रहा उस समय देश में एक भी लायन नजर नहीं आया। इस चुटकी बाद सभा में हंसी की फुव्वारा खड़ा हो गया।