Lucknow: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस-2020 प्री परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके के प्रदेश के 19 जिलों में 1282 केन्द्रों पर सम्पन्न हुई

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Lucknow: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से पीसीएस-2020 प्री परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके के प्रदेश के 19 जिलों में 1282 केन्द्रों पर सम्पन्न हुई। प्रदेश में सबसे ज्यादा उपस्थिति प्रयागराज के अभ्यर्थियों की रही। परीक्षा के लिए 5,95,696 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जबकि परीक्षा में 3,16,352 अभ्यर्थी शामिल हुए। पूरे प्रदेश में उपस्थिति 53.11 प्रतिशत रहीं। प्रयागराज में परीक्षा के लिए 69107 अभ्यर्थी पंजीकृत थे जिनमें से 71.23 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। सबसे कम उपस्थिति 37.26 प्रतिशत मुरादाबाद में रही। लोक सेवा आयोग ने पीसीएस के 252 व एसीएफ/आरएफओ के 12 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया था। यह परीक्षा पहले 21 जून को होनी थी लेकिन कोरोना महामारी की वजह से परीक्षा नहीं करायी जा सकी थी। UPPSC पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 2020 में लॉकडाउन और कोविड-19 पर
पीसीएस-एसीएफ/आरएफओ (प्री) परीक्षा-2020 दो पालियों में हुई। पहली पाली सुबह 9.30 से 11.30 बजे तक में सामान्य अध्ययन का पहला प्रश्न पत्र हुआ। वहीं दूसरी पाली दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक हुई। जिसमें सामान्य अध्ययन का द्वितीय प्रश्न पत्र हुआ। परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की मानें तो प्रश्नपत्र काफी संतुलित रहा। सबसे ज्यादा प्रश्न करेंट अफेयर से रहे। करेंट अफेयर से 40 सवाल पूछे गये तो वहीं भूगोल से 22, पर्यावरण 20, अर्थव्यवस्था से 9, विज्ञान से 13, राजव्यवस्था से 21 इतिहास से 24 प्रश्न पत्र शामिल रहे।
आधे पेपर के बाद लगाया कैमरा
पीसीएस-2020 प्री परीक्षा में अभ्यर्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कतें दूर-दूर और गंदगी के बीच बनाये गये परीक्षा केन्द्रों को लेकर हुई। अभ्यर्थियों का आरोप था कि परीक्षा केन्द्र झलवा में मच्छर, गंदगी, टूटी टेबल पर परीक्षा देनी पड़ी। इतना ही नहीं आधा पेपर होने के बाद इस परीक्षा केन्द्र में कैमरा लगवाया गया। अभ्यर्थियों ने कहा कि आनन-फानन में परीक्षा केन्द्र बना दिये गये। वहीं शिवकली राम सहल यादव इंटर कॉलेज थरवई भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया था। यहां परीक्षा देने आये अभ्यर्थियों ने शिकायत की कि बेहद गर्मी में परीक्षा देने पड़ी। किसी कमरे में पंखा तक नहीं लगा था। इसके साथ ही सारनाथ के फरीदपुर में खेतों के बीच स्थित एसआरएन इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केन्द्र बना दिया गया। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि इस केन्द्र पर पहुंचने के लिए कोई कनेक्टिविटी नहीं थी।
अभ्यर्थी बोले, संतुलित रहा प्रश्नपत्र
परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को संतुलित बताते हुये कहा कि सभी विषयों को छुआ गया। अभ्यर्थी ऋषभ त्रिपाठी ने कहा कि बदले पैटर्न पर यह तीसरी परीक्षा है। कुछ सवालों को सीधे न पूछकर घुमाकर अभ्यर्थियों की तार्किक क्षमता जांची गई। श्याम बिहारी ने कहा कि परीक्षा केन्द्र में अन्दर जाते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाया था लेकिन अन्दर कोविड-19 के नियमों का पालन किया गया। लगभग सभी विषयों से सवाल पूछे गये। विकास मौर्या ने कहा कि दोनों ही प्रश्न पत्रों के सवालों की गुणवत्ता बेहतर हुई है। प्रदेश पर आधारित लगगभ दस सवाल पूछे गये थे। एक सवाल प्रयागराज पर भी केन्द्रित था।(UNA)