Lucknow बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने तमिलनाडु सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को रद्द किए जाने पर तंज कसा है।

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New Delhi, June 29 (ANI): BSP supremo Mayawati addresses a press conference, in New Delhi on Monday. (ANI Photo)

Lucknow बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने तमिलनाडु सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान दर्ज किए गए मुकदमों को रद्द किए जाने पर तंज कसा है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि तमिलनाडु सरकार ने लम्बे चले कोरोना लॉकडाउन व नए नागरिकता कानून (सीएए) के विरूद्ध आंदोलनों के दौरान दर्ज किए गए 10 लाख मुकदमे वापस लेने की घोषणा की है। चुनावी लाभ के लिए ही सही किन्तु यह फैसला उचित। इससे निर्दोषों को राहत मिलने के साथ-साथ कोर्ट पर भी भार काफी कम होगा।
उन्होंने आगे ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश में भी इसी प्रकार के लाखों लंबित पड़े मामलों से लोग काफी दुखी व परेशान हैं। अतः यूपी सरकार को भी इनके मुकदमों की वापसी के सम्बंध में सहानुभूतिपूर्वक विचार जरूर करना चाहिए ताकि लाखों परिवारों को राहत व कोर्ट-कचहरी से मुक्ति मिल सके।
बता दें कि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में सरकार के इस फैसले को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि योगी सरकार ने भी लॉकडाउन उल्लंघन को लेकर कोरोना काल में दर्ज किए गए मुकदमों को रद्द करने का आदेश दिया है जिससे करीब ढाई लाख लोगों को राहत मिलेगी।