Lucknow: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल रंग लाई तो अगले छह महीने में प्रदेश के पांच लाख से अधिक बेरोजगारों को सरकारी नौकरी मिल सकती है

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल रंग लाई तो अगले छह महीने में प्रदेश के पांच लाख से अधिक बेरोजगारों को सरकारी नौकरी मिल सकती है। प्रदेश में राज्य कर्मचारियों के 12.64 लाख से अधिक पदों में करीब 3.25 लाख पद खाली हैं। शिक्षकों के रिक्त पदों को भी शामिल कर लें तो यह आंकड़ा 5 लाख पार कर जाता है। इनमें से कई विभागों के वे पद शामिल नहीं हैं जिन पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने शासन के सभी विभागों से एक सप्ताह के भीतर रिक्त पदों का ब्योरा मांगा है। एक अप्रैल 2019 की स्थिति के अनुसार सरकारी आंकड़ों की बात करें तो शासन के विभिन्न विभागों में केवल राज्य कर्मचारियों के ही करीब 3.25 लाख पद खाली हैं। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के 69,000 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद भी करीब 50,000 पद खाली रहेंगे। सहायता प्राप्त परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के 4500 तथा लिपिक संवर्ग के 1500 पद खाली बताए जा रहे हैं। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा में सहायता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों के करीब 32,000 व राजकीय विद्यालयों में करीब 6000 पद खाली हैं। राजकीय विद्यालयों के 10,768 शिक्षकों के रिक्त पदों पर चल रही भर्ती इसमें शामिल नहीं है। उच्च शिक्षा विभाग में सहायता प्राप्त व राजकीय कॉलेजों को मिलाकर करीब 8000 पद रिक्त बताए जा रहे हैं। ऐसे में स्कूलों-कॉलेजों में रिक्त करीब 1.70 लाख पदों को शामिल कर लिया जाए तो पांच लाख से अधिक पद खाली हो जाएंगे। जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने मौजूदा स्थिति में रिक्त पदों की जानकारी तलब की है। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं व सहायता प्राप्त संस्थाओं में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। ऐसे में रिक्त पदों का आंकड़ा और भी अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
रिक्त पद भरे जाएं तो हर तरह की योग्यता वालों को मिले मौका
सरकार रिक्त पद भरे तो हर तरह की योग्यता वाले युवाओं को मौका मिल सकता है। इनमें पीसीएस अधिकारी से लेकर जिला स्तरीय विभिन्न संवर्गों के अधिकारी के साथ ही लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, ग्राम्य विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, नर्स, शिक्षक, इंजीनियर, मैनेजर, चपरासी जैसे पद भी शामिल हैं।
इन रिक्तियों में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के पद शामिल नहीं
इन रिक्त पदों में सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं व सहायतित संस्थाओं में रिक्त पद शामिल नहीं हैं। सार्वजनिक  क्षेत्र की संस्थाओं में कर्मचारियों के 97,163 पद हैं। इसी तरह सहायतित संस्थाओं में 7,12,435 पद हैं। इनमें अकेले 5,96490 पद बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों व अन्य कर्मियों से जुड़े हैं। शिक्षा विभाग को छोड़ अन्य विभागों की रिक्तियां भी इस पांच लाख के बाहर हैं।
खाली पद.
आयुष- 8069
सचिवालय प्रशासन-3008
समाज कल्याण-4249
पुलिस जिला पुलिस, पीएसी, फायर, रिजर्व आदि- 1,40,105
आबकारी- 1299
अल्पसंख्यक- 407
अतिरिक्त ऊर्जा- 149
औद्योगिक विकास- 2868
आवास एवं शहरी नियोजन- 2323
भूतत्व एवं खनिकर्म- 515
चीनी उद्योग- 3157 चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण- 45,755
ग्राम्य विकास-4573
लोक निर्माण- 10913
महिला एवं बाल विकास- 5872
मत्स्य- 1172
नियुक्ति- 414
न्याय- 1381
पंचायत- 9369
परिवहन-1520
पर्यटन- 184
पशुधन- 4819
राजस्व- 29034
होमगार्ड- 906
कारागार- 5071
खाद्य रसद- 4469
खाद्य सुरक्षा- 629
खादी ग्रामोद्योग- 990
खेलकूद- 242
कृषि विपणन- 361
कृषि- 12158
लघु सिंचाई-भूगर्भ जल- 2576
ग्रामीण अभियंत्रण- 1161
श्रम- 2915
सिंचाई- 20611
कर निबंधन- 9016
सूचना- 643
एमएसएमई- 1698
उद्यान- 925
ऊर्जा- 197
वन- 4707
वित्त- 4472
युवा कल्याण- 839
शिक्षा विभाग में राज्यकर्मियों के खाली पद
उच्च शिक्षा- 2540
माध्यमिक-398
बेसिक-9156
प्राविधिक- 5785
व्यावसायिक शिक्षा-7386
शिक्षकों के पद खाली-
बेसिक शिक्षा शिक्षक- 69000 पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
55000 रिक्त
माध्यमिक शिक्षा शिक्षक सहायता प्राप्त विद्यालयों में – 32000
माध्यमिक राजकीय विद्यालयों में – 16000 पद खाली हैं। इनमें 10,768 की भर्ती निकल चुकी है। करीब 6000 पद खाली।
उच्च शिक्षा में सहायता प्राप्त व राजकीय मिलाकर 8000 पद खाली।(UNA)

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