Lucknow यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान घाट पर हुए दर्दनाक हादसे पर कड़ी कार्रवाई करते हुए इंजीनियर और ठेकेदार पर रासुका लगाने का आदेश दिया है साथ ही पूरे नुकसान की वसूली दोषी इंजीनियर व ठेकेदार से करने और ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश दिया है।

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Lucknow यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के मुरादनगर श्मशान घाट पर हुए दर्दनाक हादसे पर कड़ी कार्रवाई करते हुए इंजीनियर और ठेकेदार पर रासुका लगाने का आदेश दिया है साथ ही पूरे नुकसान की वसूली दोषी इंजीनियर व ठेकेदार से करने और ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने का निर्देश दिया है।

यूपी सरकार ने जिले के जिलाधिकारी और कमिश्नर को नोटिस जारी कर पूछा है कि जब सितंबर में ही 50 लाख रुपये से ऊपर के निर्माण कार्यों के निरीक्षण और भौतिक सत्यापन का स्पष्ट निर्देश दिया गया था तो फिर चूक क्यों हुई?
प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये आर्थिक सहायता के साथ ही अगर वो आवासहीन हैं तो आवासीय सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया
मुरादनगर श्मशान घाट में जमींदोज हुए गलियारे की छत बनाने में न सिर्फ घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, बल्कि बीम डालने में भी कटौती की गई। 70 फुट लंबी छत में एक भी क्रॉस बीम न डाले जाने को भी हादसे का कारण बताया जा रहा है। चश्मदीद लोगों का कहना है कि क्रॉस बीम होता तो छत यूं भरभरा कर न गिरती और इतने लोगों की जान न जातीं।

सिविल इंजीनियर व जल निगम के रिटायर्ड एसई अजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि कि लिंटर में 8 से 9 फीट की दूसरी पर एक क्रॉस बीम जरूर होना चाहिए। 70 फुट लंबे स्ट्रक्चर में 8 बीम बीच में और एक कोने पर यानी नौ बीम होने चाहिए थे। ऐसे में अगर स्ट्रक्चर में एक भी क्रॉस बीम नहीं था तो यह गंभीर अनियमितता है।

जांच टीम को यह भी देखना चाहिए कि इस गलियारे का डिजाइन किसी अधिकृत इंजीनियर या आर्किटेक्ट से कराया गया था या नहीं। इस गलियारे की छत के भरभरा कर गिरने का कारण घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने के साथ-साथ सही डिजाइन न बनाया जाना भी हो सकता है।
हादसे की भयावहता को बता रहे थे मौके पर फैले जूते-चप्पल और कपड़े
मुरादनगर श्मशान घाट में हुए दर्दनाक हादसे की भयावहता मौके पर फैले जूते-चप्पल और कपड़े बता रहे थे। बचाव एवं राहत कार्य के दौरान छत का मलबा तो हटा दिया गया, लेकिन इसमें दबे जूते-चप्पल, कपड़े, टोपी, छतरी मलबे में ही पड़ी थीं।

यह बता रही थीं कि लोगों को जान बचाने का मौका न मिला और जो जहां खड़ा था, मौत के लिंटर ने उसे वहीं पर दबा लिया। इस हादसे में एक स्कूटी और बाइक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। स्कूटी और बाइक चकनाचूर हो गई। स्कूटी की गद्दी, एक नंबर प्लेट मलबे में सोमवार को भी पड़ी हुई थी।